'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई, सत्ता पक्ष ने साधा कांग्रेस पर निशाना

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मुंबई। महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर कथित तौर पर की गई "गूंगी गुड़िया" टिप्पणी पर राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता अमृता फडणवीस ने इस टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला का इस प्रकार अपमान करना न केवल गलत है, बल्कि महाराष्ट्र जैसी प्रगतिशील भूमि की संस्कृति के भी खिलाफ है। अमृता फडणवीस ने कहा कि सुनेत्रा पवार एक सक्षम और सशक्त महिला हैं, जिन्होंने परिवार, खेती और सामाजिक जिम्मेदारियों को संभालते हुए अपने पति अजित पवार के राजनीतिक सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हर महिला जानती है कि कब बोलना है और कब अपने कार्यों से जवाब देना है। इसलिए किसी महिला की गरिमा पर इस तरह की टिप्पणी किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
कांग्रेस की पोस्ट से बढ़ा विवाद
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में कथित तौर पर एनसीपी नेता धनंजय मुंडे, सुनेत्रा पवार से बीड जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल के बीच हस्तक्षेप करते नजर आए। इसके बाद कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा कि "सुनेत्रा पवार आखिर कब तक 'गूंगी गुड़िया' बनी रहेंगी?" इस टिप्पणी के सामने आने के बाद एनसीपी कार्यकर्ताओं ने मुंबई स्थित महाराष्ट्र कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। एनसीपी विधायक सना मलिक ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी अपने ही इतिहास को भूल गई है। उन्होंने याद दिलाया कि इसी तरह की टिप्पणी कभी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ की गई थी, जिसका कांग्रेस ने उस समय विरोध किया था। मलिक ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में स्पष्टीकरण और सार्वजनिक माफी की मांग की।
फडणवीस और शिंदे का हमला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केवल प्रचार पाने के लिए पार्टी बेहद निम्न स्तर की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया महिलाओं के सम्मान के प्रति उसकी सोच को दर्शाता है। वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस टिप्पणी को पूरे महाराष्ट्र की महिलाओं का अपमान बताते हुए कांग्रेस से तत्काल माफी मांगने की मांग की। शिंदे ने कहा कि कांग्रेस पहले भी महिलाओं के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर चुकी है और जनता ने उसे इसका जवाब भी दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के सम्मान को राजनीतिक हथियार बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसी मानसिकता लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सुनेत्रा पवार का संयमित जवाब
विवाद के बीच उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बेहद संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह "उचित समय पर जवाब देंगी।" उनके इस बयान को राजनीतिक परिपक्वता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक संवाद की मर्यादा और महिलाओं के प्रति सार्वजनिक भाषा के स्तर पर बहस छेड़ दी है। राजनीतिक दलों के बीच मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन महिला नेताओं को लेकर व्यक्तिगत या अपमानजनक टिप्पणियां राजनीतिक विमर्श को कमजोर करती हैं। अब निगाहें कांग्रेस की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि वह इस विवाद पर अपना पक्ष स्पष्ट करती है या सत्ता पक्ष की ओर से उठाई जा रही माफी की मांग पर कोई कदम उठाती है।