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रांची। झारखंड में जेपीएससी (JPSC), जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन को अब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन मिल गया है। बुधवार को वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बातचीत की और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उनसे जल और नमक ग्रहण करने की अपील की। वांगचुक के आग्रह के बाद महतो ने चार दिन बाद पानी और नमक लेना स्वीकार किया, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार द्वारा मांगें पूरी किए जाने तक उनका अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा और वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
'आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं', वांगचुक ने की अपील
बातचीत के दौरान देवेंद्र महतो ने बताया कि वे 25 जुलाई से सत्याग्रह पर हैं और 2 अगस्त से आमरण अनशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार भोजन और पानी त्यागने से उनकी तबीयत बेहद खराब हो गई थी तथा डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की चेतावनी भी दी थी। इस पर सोनम वांगचुक ने कहा कि बिना पानी के अनशन जारी रखना आत्महत्या जैसा कदम है। उन्होंने महतो से आग्रह किया कि वे पानी और नमक लेकर अपना स्वास्थ्य बनाए रखें, क्योंकि आंदोलन लंबा चल सकता है और सरकार को निर्णय लेने में दो-तीन सप्ताह भी लग सकते हैं। वांगचुक ने भरोसा दिलाया कि वे छात्रों की लड़ाई में लगातार उनके साथ रहेंगे और सरकार से न्याय की उम्मीद बनाए रखेंगे।
एक शर्त पर पानी स्वीकार किया, आंदोलन में साथ निभाने का वादा
देवेंद्र महतो ने पत्रकारों से कहा कि सोनम वांगचुक के समर्थन ने आंदोलन में शामिल छात्रों का मनोबल कई गुना बढ़ा दिया है। उन्होंने बताया कि कई लोगों ने पहले भी उनसे पानी पीने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने सभी अनुरोध ठुकरा दिए थे। महतो ने कहा कि उन्होंने केवल एक शर्त पर पानी और नमक स्वीकार किया है कि जिस तरह सोनम वांगचुक ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया था, उसी तरह झारखंड के छात्रों को न्याय मिलने तक वे उनके साथ जुड़े रहेंगे। महतो के अनुसार वांगचुक ने इस शर्त को स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि वे आंदोलन सफल होने तक छात्रों के संपर्क में रहेंगे, समय-समय पर वीडियो कॉल के माध्यम से उनका हौसला बढ़ाएंगे और हरसंभव सहयोग करेंगे।
परीक्षा परिणामों के बाद शुरू हुआ आंदोलन, सरकार ने दिया न्याय का भरोसा
गौरतलब है कि 5 जुलाई को 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू किया था। तब से छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार छात्रों की चिंताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि जांच टीम दिन-रात काम कर रही है और जल्द ही जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की सभी जायज मांगों पर विचार किया जाएगा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।.