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नागपुर। टेकानाका की नई बस्ती से 31 मई को जब्त की गई 7.5 किलो मेफेड्रोन (MD) की खेप ने नागपुर पुलिस को मुंबई के डोंगरी से जुड़े दुबई स्थित ड्रग नेटवर्क तक पहुंचा दिया है। यह नागपुर में अब तक की सबसे बड़ी MD जब्ती बताई जा रही है। जरिपटका पुलिस ने मामले में मजहर अली अकबर अली को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से नागपुर पहुंचाई गई ड्रग्स की रकम मुंबई के डोंगरी निवासी एक हैंडलर के जरिए दुबई स्थित नेटवर्क तक पहुंचाई जा रही थी। सहायक पुलिस निरीक्षक आशीष मोरखेड़े ने कोटक महिंद्रा और HSBC बैंक खातों के लेन-देन की जांच कर अंधेरी (पूर्व), मुंबई निवासी शारिक मलिक तक पहुंच बनाई। पुलिस ने उसे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मानते हुए लुकआउट नोटिस जारी किया है।
मुरादाबाद से नागपुर, फिर दुबई तक जुड़ी कड़ियां
जांच में पता चला कि मुंबई का कूरियर हमजा शेख मुरादाबाद से MD की खेप कार से नागपुर लेकर आया था। डिलीवरी के बाद उसने कार मुंबई के पास छोड़ दी, जिसे बाद में जरिपटका पुलिस ने बरामद किया। मजहर की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही हमजा फरार हो गया और उसने दुबई में मौजूद शारिक मलिक को इसकी सूचना दी। पुलिस के अनुसार मलिक के खिलाफ मुंबई में पहले से चार से अधिक NDPS मामले दर्ज हैं और वह कई महीनों से दुबई से ड्रग तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। जांच में डोंगरी से जुड़े नाइजीरियाई तस्कर ‘KC’ का नाम भी सामने आया है, जो कथित तौर पर चीनी VPN और Botim ऐप के जरिए संपर्क व लेन-देन करता था। वरिष्ठ निरीक्षक अनिल ताकसांडे ने बताया कि बैंकिंग रिकॉर्ड जांच की अहम कड़ी बने हुए हैं, जबकि Google से आवश्यक डेटा नहीं मिल पाने के कारण जांच में चुनौती बनी हुई है।