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नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन हमले में घायल छात्र के समर्थन में कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। राहुल गांधी की मांग थी कि मामले में FIR दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। करीब पांच से साढ़े पांच घंटे तक चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई। पुलिस कथित तौर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है। धरने के दौरान राहुल गांधी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे अपनी मांग पर कायम रहेंगे।
20 जुलाई के प्रदर्शन में पेलेट गन इस्तेमाल का आरोप
मामला 20 जुलाई 2026 का है, जब नई दिल्ली में संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने पेलेट गन का इस्तेमाल किया। इस घटना में छात्र साहिल लोचव समेत कुछ अन्य प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि घायल छात्र के शरीर में 200 से अधिक पैलेट पाए गए, जबकि उसकी आंख में भी तीन पैलेट लगे थे। घटना के बाद छात्र संगठनों और विपक्ष की ओर से कार्रवाई की मांग तेज हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया। वहीं, पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पक्ष की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए। इसी मामले में FIR दर्ज नहीं होने को लेकर राहुल गांधी ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना शुरू किया।
‘मकसद इंसाफ है, किसी भी कीमत पर हासिल करेंगे’
धरने के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के शासन में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर पेलेट गन चलाई जा सकती है, लेकिन उन्हें न्याय दिलाने के लिए FIR तक दर्ज नहीं की जा रही। राहुल गांधी ने कहा कि उनका मकसद घायल छात्रों को न्याय दिलाना है और वे इसके लिए अपनी मांग पर कायम रहेंगे। करीब पांच घंटे के प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा FIR की प्रक्रिया शुरू किए जाने को कांग्रेस ने अपने दबाव की सफलता बताया है। अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट करना अहम होगा कि पेलेट गन का इस्तेमाल किसने किया, आदेश किस स्तर से दिए गए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कैसे की जाती है। FIR दर्ज होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।