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चंद्रपुर। नया स्मार्टफोन लेने के बाद उसके कैमरे के फीचर्स देखने की उत्सुकता गुरुवार को चंद्रपुर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में एक पूर्व नगराध्यक्ष के लिए अचानक परेशानी का कारण बन गई। व्यवसायी और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष दीपक जायसवाल कोर्ट में अपने चेक बाउंस मामले की सुनवाई का इंतजार कर रहे थे। सुबह करीब 11.30 बजे वे टोकन नंबर 42 के साथ कोर्ट के बाहर बैठे थे। इसी दौरान नया फोन चलाते समय कैमरा अनजाने में एक्टिव हो गया और उनके सामने बैठी एक महिला की तस्वीर क्लिक हो गई। महिला ने जैसे ही फोटो खिंचने की बात महसूस की, उसने तत्काल आपत्ति जताई। मामला बढ़ने पर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का ध्यान भी इस ओर गया और कोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए भ्रम की स्थिति बन गई। देखते ही देखते वकील और अन्य लोग भी वहां जमा हो गए।
पुलिस ने फोन लिया, वकीलों की मौजूदगी में जज के सामने पेश हुए
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जायसवाल का मोबाइल फोन जांच के लिए अपने पास रख लिया। इसके बाद वकीलों के हस्तक्षेप से जायसवाल को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने अदालत के सामने अपनी गलती पर खेद जताया और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने महिला से भी सीधे माफी मांगी। अदालत की कार्रवाई के बाद उनका मोबाइल फोन वापस कर दिया गया और मामले को वहीं समाप्त कर दिया गया। कुछ समय के लिए कोर्ट परिसर में बने तनावपूर्ण माहौल के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
‘तकनीकी गलती से क्लिक हुई तस्वीर’
जायसवाल ने घटना को पूरी तरह तकनीकी चूक बताया। उनका कहना था कि वे नए मोबाइल के कैमरे के फीचर्स को समझने और उसकी कार्यप्रणाली देखने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान कैमरा अनजाने में चालू हुआ और सामने बैठी महिला की तस्वीर क्लिक हो गई। उनका कहना था कि तस्वीर खिंचने का एहसास होते ही वे उसे डिलीट करने के लिए तैयार थे, लेकिन उससे पहले ही महिला ने आपत्ति जताई और मामला पुलिस व अदालत तक पहुंच गया। जायसवाल पूर्व में एनसीपी के शहर अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तस्वीर लेना जानबूझकर नहीं था और उन्होंने महिला से माफी मांगकर मामला समाप्त किया।