दूध मिलावट के खिलाफ FDA की बड़ी कार्रवाई! मुंढे के अभियान में 17.37 लाख रुपये का मिल्क पाउडर जब्त

    06-Jul-2026
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- सिन्नर में गुप्त छापेमारी
- मिलावट के संदेह में भारी मात्रा में मिल्क पाउडर बरामद

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नासिक। महाराष्ट्र में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की बढ़ती शिकायतों के बीच खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नासिक जिले के सिन्नर तालुका में बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मिलावट के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में राज्यभर में मिलावटखोरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत नासिक संभाग के संयुक्त आयुक्त मंगेश माने के मार्गदर्शन में एफडीए की टीम ने शनिवार को सिन्नर के शाह क्षेत्र और आसपास के गांवों में गुप्त सूचना के आधार पर व्यापक छापेमारी की। यह अभियान देर रात तक जारी रहा। कार्रवाई के दौरान सिन्नर तालुका के रामपुर-पुतळेवाडी में 17 लाख 37 हजार 529 रुपये मूल्य का मिल्क पाउडर जब्त किया गया। प्राथमिक जांच में प्रशासन को संदेह है कि इस स्टॉक का उपयोग दूध में मिलावट करने के लिए किया जाना था। इस कार्रवाई को दूध मिलावट के खिलाफ एफडीए की अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

बिना लाइसेंस और वैध दस्तावेजों के रखा गया था स्टॉक
एफडीए अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया कि रामपुर-पुतळेवाडी निवासी 23 वर्षीय प्रशांत रोहिदास काले ने बिना वैध खाद्य लाइसेंस और खरीद-बिक्री से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों के बड़ी मात्रा में मिल्क पाउडर का भंडारण कर रखा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर आवश्यक दस्तावेजों की मांग की, लेकिन संतोषजनक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की शिकायत पर वावी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण की जांच पुलिस उपनिरीक्षक प्रमोद सरोवर कर रहे हैं। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि जब्त किया गया मिल्क पाउडर किन-किन क्षेत्रों में आपूर्ति किया जाना था और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं।

तुकाराम मुंढे की सख्त चेतावनी
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कार्रवाई के बाद राज्यभर के दूध उत्पादकों, डेयरी संचालकों और विक्रेताओं को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दूध जैसी आवश्यक खाद्य सामग्री में मिलावट कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से भी दूध एवं दुग्ध उत्पाद खरीदते समय सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल एफडीए या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को देने की अपील की। मुंढे ने कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और मिलावटखोरों के खिलाफ राज्यभर में अभियान लगातार जारी रहेगा।

'बड़ी मछलियां' भी प्रशासन के निशाने पर
एफडीए की इस कार्रवाई के बाद सिन्नर और नासिक क्षेत्र में सक्रिय कथित 'दूध माफिया' में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, एफडीए की टीम ने केवल एक स्थान पर कार्रवाई करने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि दूध मिलावट से जुड़े अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी गहन जांच की है। आसपास संचालित कुछ खोया निर्माण इकाइयों में भी निरीक्षण और कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इन कार्रवाइयों का आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया है, लेकिन चर्चा है कि दूध मिलावट के इस नेटवर्क से जुड़े कुछ बड़े कारोबारी और तथाकथित 'बड़ी मछलियां' भी अब एफडीए के रडार पर हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा राज्यभर में मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी।