- मुंबई-पुणे समेत महाराष्ट्र में रेड अलर्ट
- अगले दो दिन बेहद अहम

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मुंबई। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मुंबई, पुणे सहित राज्य के कई हिस्सों में जलभराव, यातायात बाधित होने और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। भारतीय मौसम विभाग ने 8 जुलाई की रात तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और सभी संबंधित एजेंसियों को युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने निजी कंपनियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मौजूदा परिस्थितियों में कर्मचारियों को मानवीय आधार पर 'वर्क फ्रॉम होम' की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई कंपनी या संस्थान इस निर्देश की अनदेखी करता है और कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अनावश्यक रूप से कार्यालय बुलाने से बचना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकायों तथा सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियों को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के निर्देश भी दिए।
एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की तैनाती
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन होने से सड़क पर मिट्टी और विशाल चट्टानें आ गईं, जिसके कारण यातायात प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री ने संबंधित एजेंसियों को युद्ध स्तर पर मलबा हटाकर यातायात जल्द से जल्द सामान्य करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मुंबई और तटीय जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। ऊंची लहरों और समुद्री खतरे को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सके।
नासिक-त्र्यंबकेश्वर में क्लाउडबर्स्ट जैसी बारिश की आशंका
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। अरब सागर में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण मंगलवार को नासिक जिले में 300 मिलीमीटर से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जो क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति पैदा कर सकती है। विशेष रूप से त्र्यंबकेश्वर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने नासिक जिला प्रशासन को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान करने, अवरुद्ध हो सकने वाले मार्गों की निगरानी बढ़ाने तथा पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से अगले कुछ दिनों तक नासिक और त्र्यंबकेश्वर के पर्यटन स्थलों की यात्रा पूरी तरह टालने की अपील भी की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।