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नागपुर। नागपुर जिले के कोंढाली क्षेत्र में रविवार शाम एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा कोंढाली–सावली खुर्द मार्ग पर खापरी के पास उस समय हुआ, जब सावली खुर्द निवासी नामदेव महादेव घागरे अपनी मोटरसाइकिल (एमएच-32/एवी-9256) से कोंढाली से घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनके पीछे चल रही एक स्कूल बस (एमएच-35/एजे-0446) में अचानक यांत्रिक खराबी आ गई और बस का पिछला बायां पहिया चलते वाहन से अलग हो गया। तेज रफ्तार से लुढ़कता हुआ पहिया सीधे बाइक से जा टकराया, जिससे नामदेव घागरे सड़क पर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसके बाद वही पहिया उनके सिर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घटना की सूचना मिलते ही कोंढाली पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बस का पहिया आखिर किस कारण से निकला और क्या इस हादसे के पीछे वाहन के रखरखाव में लापरवाही या किसी अन्य प्रकार की तकनीकी चूक जिम्मेदार थी। मृतक नामदेव घागरे अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। अचानक हुई इस दुर्घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
फिटनेस जांच की मांग तेज
इस हादसे के बाद क्षेत्र में स्कूल बसों की सुरक्षा और फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का आरोप है कि यदि स्कूल बस का नियमित रखरखाव और तकनीकी निरीक्षण समय पर किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। लोगों ने संबंधित बस के फिटनेस प्रमाणपत्र, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और तकनीकी जांच की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग उठाई गई है। नागरिकों ने परिवहन विभाग से जिलेभर की स्कूल बसों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाने, फिटनेस नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।