शिवाजी पार्क में युवाओं का हुंकार! आदित्य ठाकरे ने अभिजीत दीपके से फोन पर कराई बात

    24-Jul-2026
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- तिरंगा थामकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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मुंबई। शिवाजी पार्क में शुक्रवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रगान गाया और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। इस सभा में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, सांसद संजय राउत, शर्मिला ठाकरे, तुषार गांधी और अभिनेता अतुल कुलकर्णी सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण वह क्षण रहा जब आदित्य ठाकरे ने दिल्ली में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके से फोन पर बातचीत कराई। दीपके ने सभा को संबोधित करते हुए आंदोलन के प्रति मिले समर्थन के लिए उद्धव ठाकरे का आभार जताया और कहा कि छात्रों की लड़ाई अब केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की लड़ाई बन चुकी है।

'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहली शर्त', अभिजीत दीपके अपने रुख पर कायम
आदित्य ठाकरे के फोन के माध्यम से शिवाजी पार्क में मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने बताया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि सीजेपी, आंदोलनकारी छात्र और अभिभावक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर पूरी तरह अडिग हैं। दीपके ने कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी और जवाबदेही स्वीकार नहीं की जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान आदित्य ठाकरे ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल व्यवस्था में बदलाव की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि बदलाव की शुरुआत जिम्मेदारी तय होने से होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "यह नया भारत है, हम झुकने वाले नहीं हैं।" उनके इस बयान पर मौजूद युवाओं ने जोरदार नारेबाजी कर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया।

उद्धव ठाकरे बोले—'सरकार के पास लाठी है, हमारे हाथ में तिरंगा'
सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि पिछले चार दिनों में यह दूसरी बार है जब शिवाजी पार्क में इतनी बड़ी संख्या में युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने के लिए जुटे हैं। उन्होंने कहा कि वे दो दिन पहले दिल्ली गए थे और रविवार को फिर वहां जाने वाले हैं। "हमारी सबसे बड़ी पहचान भारतीय होना है और यही पहचान हमें एकजुट करती है," उन्होंने कहा। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि अब तक सत्ता में रहे लोगों ने लोगों के मन में डर पैदा करने का प्रयास किया, लेकिन अब देश का युवा अपनी आवाज खुद बुलंद कर रहा है। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार के पास बंदूकें और लाठियां हो सकती हैं, लेकिन आंदोलनकारियों के हाथ में तिरंगा है। उन्होंने कहा, "हम तिरंगा लेकर आपके सामने खड़े हैं, अब तय देश करेगा कि तिरंगे की जीत होगी या तानाशाही की।" उनके इस बयान पर सभा में मौजूद लोगों ने तिरंगा लहराकर समर्थन जताया।

आदित्य ठाकरे बोले, 'अनशन खत्म हुआ, आंदोलन नहीं'

आदित्य ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा कि सोनम वांगचुक ने भले ही अपना अनशन समाप्त कर दिया हो, लेकिन आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने सभी से वांगचुक के संघर्ष के प्रति आभार व्यक्त करने की अपील करते हुए कहा कि दिल्ली में अभिजीत दीपके और अन्य युवा अब भी छात्रों के अधिकारों के लिए डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई से उठने वाली आवाज दिल्ली तक पहुंचनी चाहिए और जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक संघर्ष जारी रहना चाहिए। आदित्य ठाकरे ने युवाओं से सवाल किया कि "जो छात्र लाठीचार्ज का सामना कर चुके हैं, क्या उनके साथ ऐसा व्यवहार करने वालों को आसानी से माफ किया जा सकता है?" उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग को मजबूती से उठाते रहने का आह्वान किया।