सीजेपी के मंच से उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल का इस्तीफा, बोले— 'अगर हक की लड़ाई बगावत है, तो हम बागी हैं'

    24-Jul-2026
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नई दिल्ली। नीट 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने प्रदर्शन को नई चर्चा का विषय बना दिया। उत्तराखंड पुलिस (Uttarakhand Police) के कांस्टेबल शेर सिंह ने कथित तौर पर आंदोलन के मंच से अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की और अपना इस्तीफा पत्र कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को सौंप दिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शेर सिंह मंच से प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे को लेकर उत्तराखंड पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस बीच, घटना ने आंदोलन और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है।

'उत्तराखंड में किराना दुकान की तरह बिकते हैं पेपर'
मंच से संबोधित करते हुए शेर सिंह ने उत्तराखंड की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र ऐसे उपलब्ध हो जाते हैं जैसे किसी किराना दुकान का सामान। उन्होंने कथित पटवारी भर्ती परीक्षा पेपर लीक का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उन्होंने स्वयं ऐसी घटनाएं देखी हैं। अपने संबोधन में उन्होंने शहीद भगत सिंह का हवाला देते हुए कहा, "जिंदगी अपने दम पर जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठते हैं। डरने की जरूरत नहीं है, यह भगत सिंह का देश है।" उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं से निर्भीक रहने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की।
 


'क्रांति विचारों से आती है', मंच से सौंपा इस्तीफा

शेर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी आंदोलन को अहिंसक रहना चाहिए। उन्होंने कहा, "क्रांति बम और पिस्तौल से नहीं आती, बल्कि विचारों से आती है और विचार कभी नहीं मरते।" इसके बाद उन्होंने घोषणा की कि यदि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना बगावत माना जाता है, तो वे स्वयं को बागी मानने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, "अगर हक की लड़ाई लड़ना बगावत है, तो हां, हम बागी हैं। आज से मैं उत्तराखंड पुलिस से इस्तीफा देता हूं।" इसके बाद उन्होंने मंच पर मौजूद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके को अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया, जिस पर प्रदर्शनकारियों ने तालियों और नारों के साथ उनका समर्थन किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।