सीजेपी ने सरकार को सौंपा नया पत्र! प्रधान का इस्तीफा, 1 करोड़ मुआवजा समेत तीन मांगों को बताया 'Non-negotiable'

    24-Jul-2026
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नई दिल्ली। नीट 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जारी देशव्यापी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार के साथ दूसरे दौर की बातचीत में अपनी तीन प्रमुख मांगों को एक बार फिर 'Non-negotiable' बताते हुए स्पष्ट कर दिया कि इन पर किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। शुक्रवार को सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशीष रांका ने नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने एक नया पत्र सौंपते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को एक करोड़ रुपये के मुआवजे और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न करने की मांग दोहराई। संगठन ने कहा कि ये मांगें देशभर के समर्थकों और जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों से व्यापक चर्चा के बाद तय की गई हैं।

परीक्षा सुधार के लिए पांच सूत्रीय प्रस्ताव भी सौंपा
सीजेपी द्वारा केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा को संबोधित पत्र में कहा गया कि सरकार समाधान निकालने की इच्छुक दिखाई दे रही है, लेकिन आंदोलनकारियों की मूल मांगों पर समझौता संभव नहीं है। पत्र में केंद्र सरकार के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के प्रमुख और दिल्ली पुलिस आयुक्त से भी प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और बल प्रयोग के लिए सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया तो आंदोलन और व्यापक होगा तथा देश के अन्य हिस्सों तक फैलाया जाएगा। इसके अलावा सीजेपी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और संरचनात्मक सुधार के लिए अपना पांच सूत्रीय परीक्षा सुधार प्रस्ताव भी सरकार को सौंपा और उस पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।

दो मांगों पर 'सैद्धांतिक सहमति' का दावा
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशीष रांका ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग पर सरकार ने शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। रांका ने दावा किया कि इस विषय पर सरकार के साथ विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने संगठन की दो अन्य मांगों—नीट पेपर लीक विवाद के बाद कथित रूप से आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने पर सिद्धांततः सहमति जताई है। हालांकि सरकार की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सीजेपी ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही शिक्षा मंत्री के मुद्दे पर भी सकारात्मक निर्णय लेगी।

आंदोलन का 48वां दिन
इस बीच केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि सरकार दोनों सदनों में इस विषय पर चर्चा कराने को तैयार है और विपक्ष जिस तारीख तथा प्रारूप का सुझाव देगा, उस पर भी विचार किया जाएगा। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए खुला है तथा प्रक्रिया तय करने के लिए राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श किया जाएगा। उधर, जंतर-मंतर पर सीजेपी का आंदोलन शुक्रवार को 48वें दिन में प्रवेश कर गया। परीक्षा सुधार, जवाबदेही और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को लेकर आंदोलन जारी है, जबकि अब सबकी नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया और संसद में होने वाली संभावित बहस पर टिकी हुई है।