अनशन के 26वें दिन भी अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक! हालत स्थिर, सरकार से मांगा लिखित आश्वासन

    23-Jul-2026
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मेदांता अस्पताल ने कहा- डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज

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नई दिल्ली/गुरुग्राम। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन 26वें दिन भी जारी है। फिलहाल उनका इलाज गुरुग्राम के मेडांटा अस्पताल में बहु-विषयक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में चल रहा है। गुरुवार को अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि वांगचुक की स्थिति स्थिर और सतर्क बनी हुई है। उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक स्वीकार्य सीमा के भीतर हैं और उपचार उनकी पूरी सहमति से किया जा रहा है। इससे पहले उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेडांटा स्थानांतरित किया गया था। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उनकी चिकित्सा प्रक्रिया पूरी तरह उनकी जानकारी और सहमति के अनुरूप संचालित की जा रही है। हालांकि, लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण डॉक्टर लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं।

25 दिनों में 11 किलो वजन घटा
एक दिन पहले जारी वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने बताया था कि 25 दिनों के अनशन के दौरान उनका लगभग 11 किलोग्राम वजन कम हो चुका है और शरीर की मांसपेशियों में भी काफी कमी आई है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि उनका मनोबल मजबूत है और वे अभी भी अपने आंदोलन पर कायम हैं। उन्होंने 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के बावजूद उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। वांगचुक ने कहा कि कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने धैर्य बनाए रखा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ हुई सख्ती ने उन्हें अपना अनशन जारी रखने का निर्णय और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।

FIR नहीं करने का आश्वासन मिलने पर तोड़ेंगे अनशन

सोनम वांगचुक ने दोहराया कि यदि केंद्र सरकार यह स्पष्ट आश्वासन देती है कि 'चलो संसद' आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई, एफआईआर या कानूनी उत्पीड़न नहीं होगा, तो वे तुरंत अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। उन्होंने बताया कि कई केंद्रीय मंत्रियों, विपक्षी नेताओं और 65 सांसदों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र के माध्यम से उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की गई है। वांगचुक ने कहा कि वे भी देशहित में अपने कार्यों पर लौटना चाहते हैं, लेकिन सरकार को पहले यह भरोसा देना होगा कि छात्रों के साथ बल प्रयोग या दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला, तो मजबूरी में उन्हें अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखना पड़ेगा।