'युवाओं की आवाज़ अनसुनी नहीं की जा सकती', इंस्टाग्राम पर साझा किया संदेश

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मुंबई/नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक विवाद और छात्रों के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बीच अभिनेत्री करीना कपूर खान ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों का समर्थन किया है। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक भावनात्मक संदेश में उन्होंने कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर सोच रही थीं, लेकिन अब चुप रहना संभव नहीं है। उन्होंने लिखा कि देशभर के युवाओं की आवाज़ इतनी बुलंद है कि उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। करीना ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास, उम्मीद और परिवारों के बेहतर भविष्य का आधार होती है। इसलिए हर छात्र को यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी मेहनत का उचित सम्मान होगा और परीक्षा प्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष होगी।
'मेहनत पर भरोसा होना चाहिए, व्यवस्था पर भी'करीना कपूर ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी छात्र को यह सोचने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए कि उसकी मेहनत पर्याप्त होगी या नहीं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को ऐसी शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए, जहां योग्यता को महत्व मिले, मेहनत का सही मूल्यांकन हो और सभी को समान अवसर प्राप्त हों। अभिनेत्री ने इसे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं, बल्कि हर छात्र का बुनियादी अधिकार बताया। उन्होंने आगे लिखा कि जब पूरी एक पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर एक स्वर में सवाल उठा रही हो, तब उनकी बात सुनना केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे यह देख रहे हैं कि बड़े लोग उनके साथ कितना न्याय करते हैं और वर्तमान में लिया गया हर निर्णय उनके भविष्य के भरोसे को तय करेगा।
सरकार ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का किया ऐलानइसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो लोग परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ कर छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह फैसला परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।
दिल्ली हाईकोर्ट में NIA जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाईNEET विवाद अब न्यायिक स्तर पर भी पहुंच गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' प्रदर्शन से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है। याचिका में प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर को किसी विशेष जांच एजेंसी को सौंपने और हिंसा में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, छात्रों की सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर सरकार, न्यायपालिका और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रियता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।