CJP प्रदर्शन में हिंसा के आरोपियों पर सख्ती की तैयारी, पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया हो सकती है शुरू

    23-Jul-2026
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- सीसीटीवी और डिजिटल सबूतों से आरोपियों की पहचान में जुटी दिल्ली पुलिस

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नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के बाद दिल्ली पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंसा में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने के साथ-साथ उनके पासपोर्ट रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। पुलिस प्रदर्शन स्थल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो, सोशल मीडिया क्लिप और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है ताकि प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों की पहचान तोड़फोड़, सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने या सुरक्षा बलों पर हमला करने के आरोप में होगी, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक इस संबंध में किसी व्यक्ति का पासपोर्ट रद्द किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच अभी जारी है।

हिंसा के आरोप सिद्ध होने पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने में जुटी हैं। जिन लोगों पर हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप साबित होंगे, उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही पासपोर्ट अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए उनके पासपोर्ट निरस्त कराने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो संबंधित व्यक्तियों की विदेश यात्रा प्रभावित हो सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। इसलिए अंतिम निर्णय जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही लिया जाएगा।

NSA की शक्तियों को लेकर उठे सवाल, सरकार ने दी सफाई
प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत दिल्ली पुलिस आयुक्त को मिली निवारक निरोध (प्रिवेंटिव डिटेंशन) की शक्तियों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा 15 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, पुलिस आयुक्त को 19 जुलाई से 18 अक्टूबर तक धारा 3(2) के तहत आवश्यक परिस्थितियों में निवारक निरोध का अधिकार दिया गया है। हालांकि, दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अधिकार हर तीन महीने में नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत बढ़ाया जाता है और इसका CJP आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। दिल्ली पुलिस ने भी बयान जारी कर कहा कि इस अवधि के विस्तार को 7 जुलाई को ही मंजूरी मिल चुकी थी, जबकि प्रदर्शन बाद में शुरू हुआ। इसलिए इसे आंदोलन से जोड़कर देखना उचित नहीं है।

20 जून से जारी है आंदोलन, संसद मार्च के दौरान हुई थी झड़प
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 जून से जंतर-मंतर पर कथित नीट परीक्षा पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। सोमवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल से मिले वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जांच का आधार बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और प्रत्येक आरोपी की भूमिका तय होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।