- 'माफीवीर' बताकर किया तंज

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नई दिल्ली : कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर हैं। गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई प्रमुख चौराहों पर राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए नए पोस्टर लगाए गए। भाजपा नेता तजिंदर सिंह बग्गा द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ बड़े अक्षरों में 'I Am Sorry' लिखा गया है और उन्हें 'माफीवीर' बताया गया है। पोस्टर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरी (Orry) की तस्वीर भी लगाई गई है, जिसके साथ 'I am Orry' लिखा गया है। यह पोस्टर अभियान उस समय सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह का नाम गलती से लेने पर अदालत में लिखित रूप से खेद व्यक्त किया था। इससे पहले 28 जून को भी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में राहुल गांधी को लेकर 'मिसिंग' (लापता) पोस्टर लगाए गए थे। हाल के दिनों में भाजपा राहुल गांधी के विदेश दौरों और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार हमलावर रही है और अब इस पोस्टर अभियान के जरिए उनकी माफी को नया राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
मानहानि मामले में लिखित खेद के बाद खत्म हुआ विवाद
राहुल गांधी ने 24 जून को एक बयान में स्वीकार किया था कि उन्होंने अपने भाषण के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह का नाम गलती से लिया था। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में दायर याचिका के साथ एक लिखित बयान भी प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने इस त्रुटि पर खेद व्यक्त किया। अदालत में राहुल गांधी ने कहा कि पनामा पेपर्स लीक मामले का उल्लेख करते समय उन्होंने अनजाने में कार्तिकेय सिंह का नाम ले लिया था। उन्होंने यह भी बताया कि बयान देने के अगले ही दिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए खेद प्रकट कर दिया था। राहुल गांधी के इस लिखित खेद को रिकॉर्ड पर लेने के बाद 25 जून को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रही मानहानि की कार्यवाही को समाप्त करते हुए मामला खारिज कर दिया।
पोस्टर राजनीति से बढ़ी सियासी तल्खी
मानहानि मामले के समाप्त होने के बावजूद भाजपा ने इस घटनाक्रम को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। दिल्ली में लगाए गए नए पोस्टरों के जरिए राहुल गांधी की छवि पर सवाल उठाने की कोशिश की गई है और उन्हें बार-बार माफी मांगने वाला नेता बताकर घेरने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कानूनी प्रक्रिया का सम्मान किया और अदालत ने भी मामले को समाप्त कर दिया है। ऐसे में पोस्टर अभियान को कांग्रेस राजनीतिक द्वेष और ध्यान भटकाने की रणनीति बता रही है। आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी माहौल को देखते हुए इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।