किसानों को बड़ी राहत: 7.5 एचपी तक के कृषि बिजली कनेक्शन के 48 हजार करोड़ रूपये बकाया बिल माफ

    15-Jul-2026
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- 'कोरी स्लेट' से नई शुरुआत
- बिजली बिलों का पूरा बकाया होगा खत्म

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एबी न्यूज़ नेटवर्क। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के लिए एक और बड़ी राहत की घोषणा करते हुए 7.5 हॉर्सपावर (एचपी) तक के कृषि बिजली कनेक्शनों पर बकाया बिजली बिल माफ करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले इन मोटर पंपों पर फिलहाल नए बिजली बिल नहीं बन रहे हैं, लेकिन पुराने बकाया खातों में दर्ज होने के कारण किसानों को कभी भी वसूली का सामना करना पड़ सकता है और नए बिजली कनेक्शन लेने में भी परेशानी होती है। इसी समस्या को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने करीब ₹48 हजार करोड़ के बकाया बिजली बिल माफ करने का निर्णय लिया है। फडणवीस ने कहा कि सरकार किसानों की "कोरी स्लेट" से नई शुरुआत कराना चाहती है, ताकि वे बिना पुराने बोझ के आगे बढ़ सकें।

100% किसानों को मुफ्त दिन की बिजली देने का लक्ष्य

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य के 76 प्रतिशत किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और वर्ष के अंत तक इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद 'जलयुक्त शिवार' और 'मागेल त्याला शेततळे' जैसी योजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया, जिससे लाखों खेत तालाब बने। उन्होंने कहा कि अल नीनो जैसे मौसमीय प्रभावों के दौरान यही खेत तालाब किसानों की फसलों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही ड्रिप सिंचाई सहित कई कृषि योजनाओं की प्रक्रिया ऑनलाइन किए जाने से किसानों को सुविधाएं तेजी से मिल रही हैं।

नई तकनीक, प्राकृतिक खेती और किसान समूहों पर जोर

फडणवीस ने कहा कि केवल कर्जमाफी से खेती लाभदायक नहीं बन सकती। कृषि को आत्मनिर्भर और लाभकारी बनाने के लिए नई तकनीक, प्राकृतिक खेती और वैश्विक बाजार के अनुरूप उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, देशी गायों के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और उत्पादन लागत कम करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो से तीन वर्षों में महाराष्ट्र में 50 हजार किसान समूह बनाए जाएंगे, जिससे निवेश क्षमता बढ़ेगी और किसान नई फसलों एवं वैकल्पिक कृषि मॉडल अपनाने में सक्षम होंगे।

किसानों के हित सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्जमाफी स्थायी समाधान नहीं है और यदि हर सात-आठ वर्ष में इसकी आवश्यकता पड़ रही है तो यह कृषि क्षेत्र की गहरी समस्याओं का संकेत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनावी लाभ के लिए नहीं, बल्कि किसानों के हित में कर्जमाफी का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों को ₹50 हजार की प्रोत्साहन राशि देने का भी निर्णय लिया गया। समिति की कुछ आपत्तियों के बावजूद सरकार ने लाखों किसानों को इस योजना का लाभ देने का फैसला किया। फडणवीस ने कहा कि किसानों के कल्याण से जुड़े फैसले राजनीति से ऊपर हैं और राज्य सरकार भविष्य में भी कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक निवेश और सुधार जारी रखेगी।