दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती! 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम, पार्किंग शुल्क होगा दोगुना

    01-Jul-2026
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- 1 नवंबर से लागू होगी सर्दियों की स्थायी प्रदूषण नियंत्रण नीति

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नई दिल्ली: रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने सर्दियों के दौरान बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक मास्टर प्लान का ऐलान किया है। नई नीति के तहत 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई स्थायी नियम लागू किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक राजधानी में तोड़-फोड़ और सिविल निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी ताकि धूल और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) की व्यवस्था लागू की जाएगी। साथ ही, निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से पार्किंग शुल्क को भी दोगुना किया जाएगा।

बिना वैध PUC के नहीं मिलेगा ईंधन
दिल्ली सरकार ने वाहन प्रदूषण पर भी सख्त रुख अपनाया है। नई व्यवस्था के तहत जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) नहीं होगा, उन्हें किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल सर्दियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे वर्ष प्रभावी रहेगा। प्रशासन का मानना है कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा और इससे राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

'दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना सबकी जिम्मेदारी'

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने दीर्घकालिक और सख्त नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करने, सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की। सरकार का उद्देश्य सर्दियों के दौरान प्रदूषण के स्तर को कम कर राजधानीवासियों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना है।