नागपुर मनपा का 6,202.48 करोड़ रुपये का बजट पेश! प्रॉपर्टी टैक्स में नहीं होगी बढ़ोतरी

    27-Jun-2026
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- करीब पांच साल बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों ने पेश किया बजट
- विकास कार्यों पर रहेगा विशेष जोर


नागपुर। नागपुर महानगरपालिका (मनपा) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6,202.48 करोड़ रुपये का संशोधित बजट शनिवार को पेश किया। यह बजट करीब पांच वर्षों के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिससे नगर निगम की बजट प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों की वापसी हुई है। स्थायी समिति की सभापति शिवानी दानी-वाखरे ने कवि सुरेश भट सभागार में बजट पेश करते हुए कहा कि इस वर्ष शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा, सड़कों, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और नगर निगम की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आम नागरिकों को राहत देते हुए इस बजट में प्रॉपर्टी टैक्स में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया गया है। अब यह बजट अंतिम मंजूरी के लिए मनपा की आमसभा में रखा जाएगा।

कमिश्नर के प्रस्ताव से 345.48 करोड़ रुपये अधिक

मनपा आयुक्त द्वारा प्रस्तुत मूल बजट प्रस्ताव 5,857 करोड़ रुपये (आधिकारिक अनुमान 5,840.65 करोड़ रुपये) का था, जबकि संशोधित बजट में 345.48 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी स्थायी समिति के सदस्यों द्वारा सुझाए गए वार्ड स्तर के विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं को शामिल करने के कारण हुई है। बजट प्रस्तुति पहले 19 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन नगर निगम चुनावों की घोषणा के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इसे औपचारिक रूप से पेश किया गया। वर्ष 2022 में पिछली आमसभा के भंग होने के बाद से प्रशासक प्रणाली के तहत नगर आयुक्त ही बजट प्रस्तुत कर रहे थे। ऐसे में यह बजट लोकतांत्रिक प्रक्रिया की वापसी का भी प्रतीक माना जा रहा है।

नागरिकों को टैक्स से राहत
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शहर की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत नई सड़कों का निर्माण, मौजूदा सड़कों का उन्नयन, बेहतर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शैक्षणिक सुविधाओं में सुधार और नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए प्रभावी राजस्व संग्रह प्रणाली विकसित करने की योजना शामिल है। विकास कार्यों पर खर्च बढ़ने के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स में वृद्धि नहीं करने का निर्णय शहरवासियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। मनपा प्रशासन का कहना है कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन और राजस्व में वृद्धि के माध्यम से विकास योजनाओं को गति दी जाएगी, ताकि नागपुर को आधुनिक और सुविधासंपन्न शहर के रूप में विकसित किया जा सके।