- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने बढ़ाई जांच की अहमियत

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एबी न्यूज़ नेटवर्क। पुणे के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के बीच एक नया कथित वीडियो सामने आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में मामले की आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को एक क्रिकेट स्टेडियम में साथ बैठे और हाथ पकड़े हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो एमएफसीएल (मार्केट यार्ड फ्रेंड्स क्रिकेट लीग) टूर्नामेंट के दौरान का है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वीडियो वास्तविक है या फिर उसमें किसी प्रकार की एडिटिंग, मॉर्फिंग अथवा डिजिटल छेड़छाड़ की गई है। फिलहाल इसे संभावित साक्ष्य के रूप में जांच के दायरे में रखा गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
परिवार के दावों पर उठे सवाल
कथित वीडियो सामने आने के बाद सिया गोयल के परिवार के उन दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिनमें उन्होंने कहा था कि उन्हें सिया और चेतन के बीच किसी भी प्रकार के संबंध की जानकारी नहीं थी। वहीं, जांचकर्ताओं का दावा है कि परिवार को जनवरी में आयोजित एक सामुदायिक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान दोनों के कथित रिश्ते की जानकारी मिली थी, लेकिन आर्थिक असमानता को देखते हुए इसे नजरअंदाज कर दिया गया और सिया की सगाई पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल से कर दी गई। हालांकि, सिया के पिता प्रवीण गोयल ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें चेतन चौधरी के बारे में कभी कोई जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार चेतन कभी उनके घर नहीं आया और न ही उन्होंने उससे कभी मुलाकात या बातचीत की। उन्होंने यह भी कहा कि सिया ने तय विवाह को लेकर कभी कोई आपत्ति नहीं जताई थी।
डिलीट चैट और डिजिटल सबूतों की हो रही जांच
पुलिस जांच में डिजिटल साक्ष्य भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों आरोपियों ने घटना से पहले और बाद में अपने मोबाइल फोन की चैट हिस्ट्री, यहां तक कि रीसायकल बिन में मौजूद संदेश भी कथित रूप से डिलीट कर दिए थे, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। फॉरेंसिक जांच में यह भी सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी पिछले लगभग छह महीनों से नियमित संपर्क में थे और इस दौरान उनके बीच 2,000 से अधिक फोन कॉल हुए थे। पुलिस अब डिजिटल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी उपलब्ध सबूतों की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया जाएगा।