राम मंदिर दान विवाद: SIT ने 'चांदी की ईंटों' वाले वायरल दावे को बताया गलत, CM बोले- बेबुनियाद आरोप न लगाएं

    26-Jun-2026
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा- SIT रिपोर्ट आते ही शुरू हुई कार्रवाई

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लखनऊ/अयोध्या: राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि आरोप सामने आते ही सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया था और प्रारंभिक रिपोर्ट मिलते ही तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई। एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान उन्होंने सभी से अपील की थी कि अयोध्या की गरिमा पर बेबुनियाद सवाल न उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि देश की एकता और सनातन धर्म का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की शुरुआत से ही यही मंशा रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आए। उन्होंने यह भी बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

SIT ने वायरल 'चांदी की ईंटों' वाले दावे को किया खारिज
जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई दावों की भी पड़ताल की गई। सूत्रों के अनुसार, SIT की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि मंदिर को दान में मिली चांदी की ईंटों के गायब होने का दावा तथ्यों से मेल नहीं खाता। जांच में सामने आया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के रिकॉर्ड के अनुसार 21 और 28 जुलाई 2020 को कुल 38 किलोग्राम चांदी प्राप्त हुई थी, जबकि 29 जुलाई 2020 को 25.576 किलोग्राम अतिरिक्त चांदी की ईंटें दान में मिली थीं। इन सभी दानों का विधिवत रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास मौजूद है। जांच में यह भी पाया गया कि ट्रस्ट की निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन चांदी की ईंटों को पिघलाकर सुरक्षित रूप से बैंक लॉकर में रखा गया था। इस प्रकार सोशल मीडिया पर प्रसारित चोरी या गबन के दावों की पुष्टि जांच में नहीं हुई। हालांकि, अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है।

आठ आरोपी गिरफ्तार, अदालत में पेश; जांच का दायरा बढ़ा
इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की भूमिका मंदिर में प्राप्त नकद दान और बहुमूल्य वस्तुओं की गिनती तथा उनके प्रबंधन से जुड़ी थी। जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि कथित अनियमितताएं किस स्तर पर हुईं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस और विपक्ष पर योगी का हमला, बोले- 'आस्था पर राजनीति न करें'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे, वही आज आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास भ्रष्टाचार और देश को बांटने की राजनीति से जुड़ा रहा है। बिना नाम लिए उन्होंने आम आदमी पार्टी और दिल्ली के पूर्व नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजधानी को विकास के बजाय भ्रष्टाचार मिला, जबकि डबल इंजन सरकार ने अयोध्या का व्यापक विकास किया है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या चारों दिशाओं से फोरलेन सड़कों, आधुनिक बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ चुकी है।

'साक्ष्य हों तो SIT को दें, बेबुनियाद आरोप लगाने से बचें'
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास कोई ठोस साक्ष्य है तो उसे सीधे SIT के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, लेकिन बिना प्रमाण के अयोध्या, रामभक्तों या मंदिर की प्रतिष्ठा पर सवाल न उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, दान में कथित गड़बड़ी से जुड़े कुछ पहलुओं की जांच जारी है, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई दावों को SIT की प्रारंभिक जांच में तथ्यहीन बताया गया है।