शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका, छह लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल

    22-Jun-2026
Total Views |
- मुंबई में शक्ति प्रदर्शन, शिंदे ने किया सांसदों का स्वागत

Image Source:(Internet)

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह लोकसभा सांसदों ने मुख्यमंत्री पद छोड़कर उपमुख्यमंत्री बने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया। लंबे समय से चल रही अटकलों और राजनीतिक उठापटक के बीच संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल अष्टीकर ने मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में शिंदे गुट की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम को शिवसेना (यूबीटी) के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि लोकसभा में पार्टी के कुल नौ सांसदों में से छह सांसद अब शिंदे गुट के साथ आ गए हैं।

‘यह 2022 के आंदोलन का दूसरा चरण’ : शिंदे
सांसदों के शामिल होने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह 2022 में शुरू हुए आंदोलन का दूसरा चरण है। उन्होंने कहा कि जब 40 विधायकों ने उनके साथ आकर विद्रोह किया था, तब उद्देश्य बालासाहेब ठाकरे की मूल शिवसेना और उसकी विचारधारा को बचाना था। शिंदे ने दावा किया कि जनता ने उस निर्णय को स्वीकार किया और बाद के चुनावों में पार्टी को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि 40 विधायकों से शुरू हुआ सफर अब 60 विधायकों तक पहुंच चुका है। शिंदे ने कहा कि नए सांसद किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों के विकास और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से उनके साथ आए हैं।

संजय राउत पर साधा निशाना, सांसदों की तारीफ की
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब उनके साथ तीन ‘संजय’ सांसद मौजूद हैं और ऐसे में किसी अन्य संजय की चर्चा करने की आवश्यकता नहीं है। शिंदे ने सांसद ओमराजे निंबालकर की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘रियल स्टार’ बताया। उन्होंने कहा कि सभी सांसदों ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है तथा वे जनता के हितों को प्राथमिकता देते हुए शिवसेना में शामिल हुए हैं।

यूबीटी के सामने संगठनात्मक चुनौती बढ़ी
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए विद्रोह के बाद शिवसेना दो धड़ों में बंट गई थी। हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में केवल तीन सांसद ही शामिल हुए थे। इसके बाद पार्टी ने छह बागी सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की थी। अब इन सांसदों के आधिकारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय ताकत कमजोर होगी, जबकि शिंदे गुट को संगठनात्मक और राजनीतिक मजबूती मिलेगी।