वेब रिकॉर्ड में मिला उम्मीदवार के लॉगिन का विवरण
NTA ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि संबंधित मामले की जांच में पाया गया कि परीक्षा शहर बदलने की प्रक्रिया उम्मीदवार के पंजीकृत अकाउंट से ही पूरी की गई थी। एजेंसी के अनुसार, रिकॉर्ड में एक समान सिंगल-यूजर एक्सेस पैटर्न दिखाई देता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि शहर परिवर्तन का अनुरोध उसी लॉगिन से किया गया था। NTA ने यह भी दावा किया कि अभ्यर्थी द्वारा अबू धाबी को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना गया था तथा बाद में उसी केंद्र का विवरण दो बार प्रीव्यू भी किया गया। एजेंसी का कहना है कि कुल तीन अवसरों पर अबू धाबी केंद्र से संबंधित गतिविधियां उम्मीदवार की आईडी से दर्ज की गईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र का चयन किसी तकनीकी त्रुटि के कारण नहीं हुआ था।
अंतिम समय में केंद्र बदलने का अनुरोध, NTA ने तुरंत की कार्रवाई
एजेंसी के अनुसार, अभ्यर्थी ने परीक्षा से केवल 48 घंटे पहले यानी 19 जून की शाम को अनौपचारिक रूप से केंद्र बदलकर नागपुर करने का अनुरोध किया था। NTA ने कहा कि छात्र की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसके अनुरोध पर तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। एजेंसी के अधिकारियों ने उसी शाम अभ्यर्थी के पिता से संपर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने में सहायता की। NTA ने अपने इस कदम को “स्टूडेंट-फर्स्ट अप्रोच” बताते हुए कहा कि उसकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रशासनिक भ्रम या तकनीकी विवाद के कारण कोई भी छात्र परीक्षा से वंचित न रह जाए। एजेंसी ने पुष्टि की कि अभ्यर्थी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए परीक्षा केंद्र परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई थी।
देशभर में 22.79 लाख उम्मीदवार देंगे पुनर्परीक्षा
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के नागपुर निवासी अभ्यर्थी अब्दुल्लाह तालिब को जारी एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र अबू धाबी दर्शाया गया था, जिसके बाद उनके परिवार ने इस मुद्दे को उठाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभ्यर्थी ने अपनी प्राथमिकता में नागपुर, वर्धा और भंडारा जैसे शहरों का चयन किया था। इस बीच, देशभर में पुनर्परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी। यह परीक्षा भारत के 551 शहरों तथा विदेश के 14 शहरों में आयोजित की जाएगी, जिसमें 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा की निष्पक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।