नीट विवाद पर CJP की नई मांग! आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की अपील

    19-Jun-2026
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पीएम मोदी को खुला पत्र लिखकर की आर्थिक सहायता की मांग

NEET 
नई दिल्ली। नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार से बड़ी मांग की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखकर उन छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की अपील की है, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े तनाव और विवाद के कारण आत्महत्या की। डिपके ने पत्र में कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने और तत्काल राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की।
 
11 छात्रों की मौत का दावा
अपने पत्र में अभिजीत डिपके ने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान 11 नीट अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की, जिनमें से पांच मामलों की सूचना केवल 48 घंटों के भीतर सामने आई। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिपके के अनुसार, कई परिवारों ने अपने बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग के लिए भारी-भरकम शिक्षा ऋण लिया था तथा वर्षों तक आर्थिक त्याग किया था। ऐसे में परीक्षा से जुड़े विवादों और अनिश्चितताओं ने न केवल छात्रों के सपनों को झटका दिया, बल्कि परिवारों को भी गहरे आर्थिक और भावनात्मक संकट में डाल दिया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें सरकार की ओर से पर्याप्त आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।
 
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग फिर दोहराई
कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई है। अभिजीत डिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों की मौत और परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। उनका कहना है कि यदि इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो देशभर के छात्रों में गलत संदेश जाएगा। डिपके ने दावा किया कि उनकी पार्टी पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्र केवल यह देखना चाहते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए जवाबदेही तय की जाए और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल किया जाए।
 
री-एग्जाम से पहले राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान
सीजेपी ने 20 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन शुरू करने की घोषणा भी की है। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधारों की मांग को लेकर आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन 21 जून को प्रस्तावित नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से ठीक एक दिन पहले शुरू होगा। उल्लेखनीय है कि पेपर लीक के आरोपों के बाद मूल परीक्षा को रद्द कर दिया गया था, जिससे देशभर के 22.7 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए। इस बीच मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। गुजरात, तमिलनाडु, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित कई राज्यों से छात्रों की आत्महत्या की खबरों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को और अधिक तेज कर दिया है।