- उमस से बेहाल नागरिक, बुवाई का इंतजार कर रहे किसान

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नागपुर। भीषण उमस और गर्मी से परेशान नागपुरवासियों को मानसून के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की नागपुर में एंट्री कम से कम एक सप्ताह और टल सकती है। मानसून की देरी से जहां आम नागरिक उमस भरे मौसम से परेशान हैं, वहीं किसान भी खरीफ फसलों की बुवाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं। गुरुवार को जिले के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ तेज हवाएं और बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की गईं। पारशिवनी क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से दो बैलों की मौत हो गई, जबकि अंभोरा रोड पर तेज हवा के कारण एक साइनबोर्ड उखड़ गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। बादलों के कारण तापमान में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन उमस का असर बना रहा।
तापमान में मामूली राहत, लेकिन मौसम में बदलाव के संकेत नहीं
बादलों की मौजूदगी के चलते नागपुर का अधिकतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस घटकर 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो गुरुवार को विदर्भ में दूसरा सबसे कम अधिकतम तापमान रहा। चंद्रपुर में सबसे कम 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, आर्द्रता का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। सुबह सापेक्षिक आर्द्रता 48 प्रतिशत और शाम को 49 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई। वहीं ब्रह्मपुरी, गोंदिया, वर्धा और अकोला में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले लगभग एक सप्ताह से सांगली के आसपास ही ठहरा हुआ है, जिसके कारण नागपुर की ओर उसकी प्रगति नहीं हो पा रही है। फिलहाल मौसम की स्थिति में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं दिख रही है। ऐसे में नागरिकों और किसानों दोनों को मानसून के आगमन के लिए कम से कम एक सप्ताह और इंतजार करना पड़ सकता है।