डिग्री पर ही गलत छपा कोर्स का नाम, वर्षों से सुधार का इंतजार कर रहे नागपुर विवि के छात्र

    19-Jun-2026
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- बीएएमसी डिग्री में त्रुटियों से उच्च शिक्षा में आ रही परेशानी

Nagpur University
 Image Source:(Internet)
 
नागपुर। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (Nagpur University) (एनयू) द्वारा जारी किए गए बैचलर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बीएएमसी) के डिग्री प्रमाणपत्रों में कथित त्रुटियों का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। धनवटे नेशनल कॉलेज (डीएनसी) के वर्ष 2024 बैच के छात्रों ने आरोप लगाया है कि डिग्री पर कोर्स का नाम और फैकल्टी संबंधी जानकारी गलत दर्ज होने के कारण उन्हें उच्च शिक्षा में प्रवेश के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय के संज्ञान में यह मामला एक वर्ष से अधिक समय पहले लाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। परिणामस्वरूप कई छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
 
कोर्स का नाम और फैकल्टी दोनों में बताई जा रही गड़बड़ी
डीएनसी प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2015 में शुरू किए गए तीन वर्षीय बीएएमसी पाठ्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री प्रमाणपत्रों पर शुरुआत से ही “बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (बीएमसी)” अंकित किया जा रहा है, जबकि वास्तविक पाठ्यक्रम का नाम “बैचलर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बीएएमसी)” है। इतना ही नहीं, पाठ्यक्रम को पहले सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत रखा गया था और बाद में इसे इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज फैकल्टी में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री और कुछ अंकतालिकाओं में मानविकी संकाय (फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज) का उल्लेख किया गया है। कॉलेज का कहना है कि इन त्रुटियों को लेकर कई बार विश्वविद्यालय को पत्र लिखे गए, लेकिन अब भी गलत विवरण वाले प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं।
 
एक साल इंतजार के बाद मिली डिग्री, फिर भी नहीं सुधरी गलतियां 
छात्रों के अनुसार, उन्हें परीक्षा उत्तीर्ण करने के लगभग एक वर्ष बाद अप्रैल 2025 में मूल अंकतालिकाएं और डिग्री प्रमाणपत्र प्राप्त हुए। दस्तावेज मिलने पर जब उन्होंने कोर्स के नाम और फैकल्टी संबंधी त्रुटियां देखीं, तो कुछ ही महीनों के भीतर सुधार के लिए उन्हें वापस विश्वविद्यालय में जमा करा दिया। छात्रों का आरोप है कि उस समय अधिकारियों ने कुछ दिनों में सुधार कर दस्तावेज लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन लगातार संपर्क और फॉलो-अप के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे उच्च शिक्षा और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में उन्हें बार-बार स्पष्टीकरण देना पड़ रहा है।
 
प्रदर्शन में उठा मुद्दा, विश्वविद्यालय ने शिकायत मिलने से किया इनकार
हाल ही में संविधान चौक पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान यह मुद्दा सार्वजनिक रूप से सामने आया। एक छात्र अपने हाथ में “मेरी डिग्री पे डिग्री का ही नाम गलत है” लिखी तख्ती लेकर प्रदर्शन में शामिल हुआ, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है और यदि छात्र विभाग से संपर्क करते हैं तो आवश्यक सुधार किए जाएंगे। हालांकि डीएनसी प्रशासन और छात्रों का दावा है कि वे कई बार लिखित रूप से इस समस्या को उठा चुके हैं। छात्रों ने यह भी बताया कि प्रथम वर्ष की अंकतालिका में इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज फैकल्टी का सही उल्लेख है, जबकि द्वितीय और तृतीय वर्ष की अंकतालिकाओं में मानविकी संकाय दर्ज है, जिससे भ्रम और बढ़ गया है।