धाराशिव/मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चित ‘ऑपरेशन टाइगर’ (Operation Tiger) को लेकर सियासी हलचल तेज है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसदों के संभावित दल-बदल की अटकलों के बीच धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर का नाम भी चर्चा में आ गया है। पिछले दो दिनों से ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि निंबालकर शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर जमकर चर्चा हुई और उनके पुराने वीडियो भी वायरल होने लगे। हालांकि, अब सांसद ओमराजे निंबालकर ने पहली बार इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि वह दिल्ली नहीं गए हैं और वर्तमान में पुणे में मौजूद हैं।
20 जून के बाद मीडिया से करेंगे बातचीत
ओमराजे निंबालकर ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि वह फिलहाल पुणे में हैं और ‘ऑपरेशन टाइगर’ से जुड़ी अटकलों पर 20 जून के बाद विस्तार से अपनी बात रखेंगे। उनके इस बयान के बाद फिलहाल उनके शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चाओं पर विराम लगता दिखाई दे रहा है। गौरतलब है कि शिवसेना में हुए विभाजन के बाद कई नेताओं और सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दिया था। ऐसे में निंबालकर का नाम सामने आने से राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई थी। हालांकि, उनके ताजा बयान ने स्थिति को कुछ हद तक स्पष्ट कर दिया है।
छह सांसदों के पत्र पर बना सस्पेंस
उधर, ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर दिल्ली में भी सस्पेंस बरकरार है। दावा किया जा रहा था कि उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों ने अलग रुख अपनाते हुए एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि अब तक न तो वह पत्र सार्वजनिक हुआ है और न ही छह सांसदों की कोई सामूहिक तस्वीर सामने आई है। ठाकरे गुट का दावा है कि कथित छह सांसदों में से दो ने किसी भी पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और वे अब भी पार्टी के साथ हैं। पार्टी की ओर से फिलहाल इन सांसदों पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से भी नेताओं को रोका गया है। ऐसे में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की सफलता को लेकर उठे दावों के बीच राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है।