नागपुर विधान परिषद चुनाव: हाईकोर्ट ने बढ़ाई गई शराबबंदी रद्द की, मतदान के समय ही बंद रहेंगी दुकानें

    17-Jun-2026
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नागपुर। महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर नागपुर जिले में लागू की गई विस्तारित शराबबंदी पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि चुनाव के संदर्भ में इतनी लंबी अवधि के लिए शराबबंदी लागू करना उचित और न्यायसंगत नहीं था। न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राजेश वाकोड़े की खंडपीठ ने जिला प्रशासन के आदेश को निरस्त करते हुए निर्देश दिया कि 18 जून को केवल मतदान अवधि, यानी सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक ही शराब की दुकानें बंद रहेंगी। अदालत के इस फैसले से शराब व्यवसायियों, लाइसेंस धारकों और संबंधित व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।

जिला प्रशासन ने 48 घंटे पहले लागू की थी शराबबंदी

विवाद की शुरुआत 11 जून को नागपुर के जिला कलेक्टर कोम्पारे आशीर्वाद द्वारा जारी आदेश से हुई थी। इस आदेश के तहत विधान परिषद चुनाव को देखते हुए मतदान से 48 घंटे पहले ड्राई डे घोषित किया गया था। निर्देशानुसार जिले की सभी शराब दुकानें 16 जून की शाम 4 बजे से 18 जून को मतदान समाप्त होने तक बंद रहने वाली थीं। इसके अलावा मतगणना दिवस 22 जून को भी शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। इस आदेश को शराब विक्रेता संघों और व्यक्तिगत लाइसेंस धारकों ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे मनमाना, अत्यधिक और आर्थिक रूप से नुकसानदायक बताया।

900 मतदाताओं वाले चुनाव में व्यापक प्रतिबंध अनुचित
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से होने वाले विधान परिषद चुनाव में नागपुर जिले में केवल लगभग 900 मतदाता हैं। इनमें आम नागरिक नहीं, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि शामिल हैं। ऐसे में पूरे जिले में लंबे समय तक शराबबंदी लागू करना चुनाव के स्वरूप और पैमाने की तुलना में अनुपातहीन है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होगा, जबकि चुनावी प्रक्रिया पर इसका कोई सार्थक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

मतगणना दिवस की शराबबंदी भी समाप्त

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि इस प्रकार के चुनाव में इतने व्यापक प्रतिबंध की आवश्यकता नहीं थी और आदेश 'अनुपातिकता के सिद्धांत' की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। अदालत ने 11 जून की अधिसूचना को रद्द करते हुए स्पष्ट किया कि शराब दुकानें केवल मतदान के निर्धारित समय में बंद रहेंगी। इस फैसले के साथ ही 22 जून को मतगणना दिवस पर प्रस्तावित शराबबंदी भी स्वतः समाप्त हो गई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में चुनाव संबंधी प्रतिबंधों को लेकर महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी ऐसे आदेशों पर प्रभाव डाल सकता है।