साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 को मिलेगा एआई का साथ, अमित शाह ने दिए सिस्टम अपग्रेड के निर्देश

    17-Jun-2026
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और अधिकारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित उन्नयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के लिए हेल्पलाइन में बहुभाषी (मल्टीलिंगुअल) सुविधा भी जोड़ी जाए। अमित शाह ने संबंधित एजेंसियों से राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और प्रत्येक शिकायत को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही, बैंक खातों के फ्रीज होने से उत्पन्न होने वाली शिकायतों के समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

2019 में शुरू हुआ था राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के तहत 30 अगस्त 2019 को लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य देशभर में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के निवारण और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था को मजबूत करना था। इससे पहले साइबर क्राइम पोर्टल केवल महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले कुछ विशेष अपराधों, जैसे बाल अश्लीलता और यौन उत्पीड़न संबंधी सामग्री तक सीमित था। हालांकि, संशोधित एनसीआरपी को 20 जनवरी 2020 को राष्ट्र को समर्पित किया गया, जिसके बाद इसे सभी प्रकार के साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया गया।

बैंकों और एजेंसियों के साथ समन्वित तंत्र विकसित
सरकारी पोर्टल के अनुसार, बढ़ते वित्तीय साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक एकीकृत प्रणाली विकसित की गई है, जिसमें कानून प्रवर्तन एजेंसियां, बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), वित्तीय मध्यस्थ संस्थाएं, भुगतान वॉलेट कंपनियां और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) मिलकर कार्य करते हैं। इस समन्वित तंत्र का उद्देश्य वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके और धोखाधड़ी की राशि को समय रहते रोका जा सके।

1930 हेल्पलाइन से तुरंत दर्ज कराएं शिकायत
वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नागरिक वित्तीय साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम भी विकसित किया गया है। इसके माध्यम से डिजिटल बैंकिंग, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और अन्य ऑनलाइन भुगतान माध्यमों से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों की तत्काल शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई और बहुभाषी सुविधाओं के जुड़ने से साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई और अधिक प्रभावी तथा नागरिकों के लिए सुलभ हो सकेगी।