
Image Source:(Internet)
नई दिल्ली। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय माध्मिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने सभी एफिलिएटेड विद्यालयों को साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। 8 जून को जारी एक परिपत्र में बोर्ड ने कहा कि गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी और कौशल प्रदान करना है। सीबीएसई ने सभी स्कूलों से इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया है।
बच्चों और किशोरों पर विशेष फोकस
सीबीएसई ने अपने परिपत्र में कहा है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर बुलिंग, ऑनलाइन ग्रूमिंग, पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल उत्पीड़न जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेष रूप से बच्चे और किशोर इन खतरों के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। ऐसे में स्कूलों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे छात्रों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जिम्मेदार इस्तेमाल और साइबर खतरों की पहचान के बारे में शिक्षित करें। बोर्ड का मानना है कि समय रहते जागरूकता बढ़ाकर अनेक साइबर अपराधों को रोका जा सकता है और छात्रों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान किया जा सकता है।
साइबर हाइजीन कोर्स और साइबर क्लब बनाने पर जोर
अभियान के तहत सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को I4C पोर्टल पर उपलब्ध ढाई घंटे के ‘साइबर हाइजीन सर्टिफिकेट कोर्स’ में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा शपथ (Cyber Safety Pledge) को भी बढ़ावा देने को कहा गया है, ताकि जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार की भावना विकसित हो सके। स्कूलों को ‘साइबर क्लब’ स्थापित करने की भी सलाह दी गई है। ये क्लब क्विज प्रतियोगिता, वाद-विवाद, पोस्टर मेकिंग, जागरूकता रैली और शपथ ग्रहण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे।
हर महीने मनाया जाएगा ‘साइबर जागरूकता दिवस’
सीबीएसई ने प्रत्येक माह के पहले बुधवार को ‘साइबर जागरूकता दिवस’ (Cyber Jagrukta Diwas) के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दिन स्कूलों में साइबर सुरक्षा से जुड़े विशेष कार्यक्रम, कार्यशालाएं और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही विद्यालयों को अभिभावकों से संवाद के सभी माध्यमों पर साइबर सुरक्षा संबंधी सलाह प्रदर्शित करने और गृह मंत्रालय द्वारा तैयार पोस्टर, वीडियो, पुस्तिकाएं तथा कॉमिक पुस्तकों जैसी जागरूकता सामग्री साझा करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड का मानना है कि यह अभियान शैक्षणिक संस्थानों में साइबर सुरक्षा की संस्कृति विकसित करेगा और विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्वक आगे बढ़ने में मदद करेगा।