
नागपुर । उमरेड वन (Umred forest) विभाग के अंतर्गत दक्षिण उमरेड वन परिक्षेत्र के चनोडा क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बाघ मृत अवस्था में पाया गया। वन विभाग के कर्मचारी नियमित गश्त के दौरान जंगल के एक कक्ष क्षेत्र में स्थित छोटे नाले के पास पहुंचे, जहां उन्हें बाघ का शव दिखाई दिया। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई। वन विभाग के अनुसार मृत बाघ की आयु लगभग पांच वर्ष आंकी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। इसके बाद बाघ के शव को वन विभाग कार्यालय परिसर में लाया गया, जहां वन अधिकारियों, पशु चिकित्सकों, एनटीसीए प्रतिनिधियों और अन्य अधिकृत अधिकारियों की उपस्थिति में उसका पोस्टमार्टम किया गया।
शिकार की आशंका नहीं, मौत के कारणों की जांच जारी
वन विभाग द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृत बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। उसके पंजे, दांत, त्वचा, नाखून और मूंछें पूरी तरह सलामत थीं, जिससे प्रथम दृष्टया शिकार की आशंका नहीं जताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि बाघ ने मृत्यु से लगभग पांच से छह दिन पहले किसी शिकार का सेवन किया था। पोस्टमार्टम के दौरान विभिन्न नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं। हालांकि बाघ की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वन विभाग ने बाघ की मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है।