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नागपुर। नागपुर महानगरपालिका (मनपा) में कार्यरत ठेका कर्मचारियों द्वारा शुरू किया गया कामबंद आंदोलन शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीनों से अर्जित अवकाश (ईएल) और आकस्मिक अवकाश (सीएल) के एनकैशमेंट का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा पिछले महीने का वेतन भी अब तक उनके बैंक खातों में जमा नहीं हुआ है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनुसार, वे लंबे समय से अपने बकाया भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने 11 जून 2026 से आंदोलन शुरू किया।
बैठक बेनतीजा, प्रशासन पर उदासीनता का आरोप
आंदोलनरत कर्मचारियों ने बताया कि हाल ही में संबंधित ठेका कंपनी के अधिकारियों के साथ समस्या के समाधान के लिए बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि इस बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया। आंदोलन के तीसरे दिन भी न तो मनपा प्रशासन और न ही ठेका कंपनी की ओर से उनकी मांगों के समाधान के लिए कोई सकारात्मक पहल किए जाने का दावा कर्मचारियों ने किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण आंदोलन को जारी रखने के अलावा उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
बकाया भुगतान होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि वेतन और अवकाश एनकैशमेंट की राशि नहीं मिलने से उनके परिवारों पर गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। दैनिक घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक वित्तीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करना कठिन हो गया है। कर्मचारियों ने सभी लंबित वेतन और अवकाश संबंधी देयों का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी बकाया राशि जारी नहीं की जाती और मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन का नेतृत्व पावरफंड वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष गौरव मेश्राम, सचिव रितेश टांगड़े, संयुक्त सचिव केतन लांजेवार, सदस्य सनी चंद्रिकापुरे तथा अन्य यूनियन पदाधिकारी और सदस्य कर रहे हैं।