नागपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत, जुलाई से स्टेशन परिसर में ही मिलेगा कैब पिक-अप

    13-Jun-2026
Total Views |
Image Source:(Internet)

नागपुर। नागपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को कैब और ऑटो-रिक्शा तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल चलने की समस्या से जल्द राहत मिलने वाली है। मध्य रेलवे के नागपुर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विनायक गर्ग ने बताया कि स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम किया जा रहा है। हाल ही में शुरू की गई प्री-पेड कैब सेवा के तहत यात्री निर्धारित काउंटर पर जाकर क्यूआर कोड स्कैन कर किराए की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और कैब बुक कर सकते हैं। वर्तमान में पांच कैब के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है, जिसे मांग के अनुसार बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा प्री-पेड ऑटो-रिक्शा सेवा शुरू करने की भी तैयारी चल रही है। रेलवे प्रशासन यात्रियों को इन सुविधाओं की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाएगा।

एयरपोर्ट की तर्ज पर होगा एक्सेस-कंट्रोल पार्किंग सिस्टम
डीआरएम ने बताया कि स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में अतिरिक्त पार्किंग और यातायात क्षेत्र उपलब्ध होने के बाद जुलाई से एयरपोर्ट की तर्ज पर एक्सेस-कंट्रोल पार्किंग प्रणाली लागू करने की योजना है। इसके तहत मोबाइल एप के माध्यम से बुक की गई कैब को स्टेशन परिसर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी और उसे यात्रियों को लेने के लिए निर्धारित समय स्लॉट दिया जाएगा। समय सीमा से अधिक रुकने पर पार्किंग शुल्क लिया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि अव्यवस्था या ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है तो संबंधित ठेकेदार पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ की तैनाती भी बढ़ाई जाएगी तथा शिकायतों के समाधान के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा।

स्टेशन पुनर्विकास और वंदे भारत स्लीपर सेवा की उम्मीद
विनायक गर्ग ने बताया कि नागपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य अगस्त 2027 तक पूरा होने की संभावना है, जबकि 297 करोड़ रुपये की लागत से अजनी रेलवे स्टेशन का विकास मई 2027 तक पूरा किया जाएगा। अजनी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या तीन से बढ़ाकर सात की जाएगी, जिससे नागपुर स्टेशन पर दबाव कम होगा। उन्होंने बताया कि नागपुर-पुणे मार्ग पर स्लीपर वंदे भारत ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव रेलवे मंत्रालय को भेजा जा चुका है। साथ ही अजनी और गोधनी को सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है। रेलवे और मेट्रो के बीच बेहतर कनेक्टिविटी तथा ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीकों के माध्यम से यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य जारी है।