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गुरुग्राम। स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के क्राउड-वर्क शो के दौरान की गई एक टिप्पणी को लेकर विवादों में आए हिमांशु जांगड़ा ने आखिरकार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद व्यापक आलोचना और ट्रोलिंग का सामना कर रहे 23 वर्षीय हिमांशु ने स्वीकार किया कि उन्होंने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया था और उन्हें अपने बयान पर पछतावा है। एक वीडियो इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह उनके जीवन के सबसे कठिन दौरों में से रहे हैं। हिमांशु ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग के कारण उनकी निजी और पेशेवर जिंदगी दोनों प्रभावित हुई हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब उन्हें उस शो में जाने का अफसोस हो रहा है, जहां से पूरा विवाद शुरू हुआ।
नौकरी गंवाने और परिवार की चिंता ने बढ़ाया मानसिक दबाव
स्टारविक डिज़ाइन द्वारा साझा किए गए इंटरव्यू में हिमांशु ने बताया कि शुरुआत में उनके परिवार और गृह नगर के लोगों को इस विवाद की जानकारी नहीं थी। लेकिन जैसे-जैसे वीडियो वायरल हुआ, रिश्तेदारों और परिचितों तक भी यह मामला पहुंच गया। इसके बाद उनके माता-पिता ने उन्हें घर बुलाकर पूरी घटना के बारे में पूछा। हिमांशु के अनुसार, परिवार ने उन्हें उनकी गलती का एहसास कराया और समझाया। हालांकि सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उनके माता-पिता को पता चला कि विवाद के कारण उनकी नौकरी चली गई है। उन्होंने कहा कि नौकरी छूटने की खबर से उनके परिवार की चिंता काफी बढ़ गई और अब जब वह अपने माता-पिता को परेशान देखते हैं तो उन्हें गहरा पछतावा होता है। हिमांशु ने कहा कि यही कारण है कि अब उन्हें उस कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला गलत लगता है।
‘कहानी पूरी तरह सच नहीं थी, मनोरंजन के लिए बढ़ा-चढ़ाकर बताया’
विवादित टिप्पणी पर सफाई देते हुए हिमांशु जांगड़ा ने दावा किया कि मंच पर सुनाई गई कहानी पूरी तरह वास्तविक नहीं थी। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने एक लड़की को डेट किया था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान जो घटनाएं उन्होंने बताईं, उनमें कई बातें बढ़ा-चढ़ाकर और मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई थीं। उनके अनुसार, कार्यक्रम में उनसे पहले भी कई लोगों ने रोचक और नाटकीय किस्से साझा किए थे, इसलिए उन्होंने भी उसी शैली में अपनी बात रखी। हिमांशु ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना या गलत संदेश देना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंच पर कही गई बातें उनकी वास्तविक सोच या मानसिकता को नहीं दर्शातीं और उन्हें इस बात का एहसास है कि उनके शब्दों से लोगों की भावनाएं आहत हुईं।
वीडियो का उद्देश्य पक्ष रखना, समर्थन नहीं: स्टारविक डिज़ाइन
इंटरव्यू साझा करने वाली कंपनी स्टारविक डिज़ाइन ने भी इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने कहा कि इस बातचीत का उद्देश्य किसी व्यक्ति या उसके बयानों का समर्थन करना नहीं, बल्कि घटनाक्रम को समझने के लिए संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने लाना था। कंपनी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हर विवाद के पीछे एक संदर्भ और तथ्य होते हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी व्यक्ति के खिलाफ ऑनलाइन उत्पीड़न या व्यक्तिगत हमलों से बचें। उल्लेखनीय है कि हिमांशु जांगड़ा, कॉमेडियन प्रणीत मोरे और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान पहले से ही जांच और सार्वजनिक बहस का विषय बने हुए हैं, जबकि सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।