- तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK बनी नई ताकत

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एबी न्यूज़ नेटवर्क। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने अपने पहले ही चुनाव में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने तमिलनाडु की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया है। फिल्मों में “थलापति” के नाम से मशहूर विजय ने जनता के बीच अपनी लोकप्रियता को सीधे वोटों में बदलते हुए राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली (ईस्ट) जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर उनकी बड़ी बढ़त ने यह साबित कर दिया है कि TVK अब केवल एक नई पार्टी नहीं, बल्कि राज्य की मजबूत राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी है। वोट शेयर के आंकड़ों में TVK को 34.90 प्रतिशत समर्थन मिला है, जबकि डीएमके 24.20 प्रतिशत और एआईएडीएमके 21.35 प्रतिशत पर सिमट गई।
पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली में विजय की बड़ी बढ़त
पेरंबूर सीट पर विजय ने 1,05,743 वोट हासिल कर डीएमके के आर.डी. शेखर को 46 हजार से अधिक मतों से पीछे छोड़ दिया। वहीं पीएमके उम्मीदवार काफी पीछे रह गए। इसी तरह तिरुचिरापल्ली (ईस्ट) में भी विजय ने 69,017 वोट प्राप्त कर डीएमके उम्मीदवार एस. इनिगो इरुदयराज पर 22 हजार से अधिक मतों की बढ़त बना ली। इन दोनों सीटों पर मिली सफलता ने विजय के विधानसभा में प्रवेश का रास्ता लगभग साफ कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहली बार चुनाव लड़ने वाले किसी नेता के लिए यह प्रदर्शन असाधारण है। खास बात यह रही कि विजय ने युवाओं, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच मजबूत पकड़ बनाकर पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को चुनौती दी।
डीएमके को बड़ा झटका, स्टालिन भी हारे
तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा झटका उस समय लगा जब मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपनी पारंपरिक कोलाथुर सीट हार गए। TVK उम्मीदवार वी.एस. बाबू ने 82,997 वोट हासिल कर स्टालिन को 8,795 मतों से पराजित कर दिया। यह हार इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कोलाथुर सीट 2008 से स्टालिन का मजबूत गढ़ रही थी। वहीं राज्यभर में TVK ने अब तक 32 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 76 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इस तरह पार्टी का आंकड़ा 108 तक पहुंच गया है, जो बहुमत के आंकड़े 118 से बेहद करीब है। इसके मुकाबले डीएमके 61 और एआईएडीएमके 44 सीटों तक सीमित नजर आ रही है।
सिनेमा से सत्ता तक विजय का ‘ब्लॉकबस्टर’ सफर
राजनीति में विजय की एंट्री को शुरुआत में कई लोगों ने केवल स्टारडम का असर माना था, लेकिन चुनाव परिणामों ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। विजय ने अपने प्रचार अभियान में नशामुक्ति, सामाजिक न्याय और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी, जिसका व्यापक असर दिखाई दिया। तमिलनाडु में पहले भी कई अभिनेता राजनीति में सफल हुए हैं, लेकिन विजय की जीत को नई पीढ़ी की राजनीति का संकेत माना जा रहा है। उनकी लोकप्रियता और आक्रामक चुनावी रणनीति ने यह साफ कर दिया है कि अब राज्य की राजनीति में TVK एक निर्णायक भूमिका निभाने जा रही है। तमिलनाडु की जनता ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति का नया चेहरा विजय हो सकते हैं।