सऊदी अरब में ब्रेन हेमरेज से पीड़ित भारतीय को मुंबई लाने में भारतीय दूतावास की मदद

    28-May-2026
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भारतीय दूतावास ने दिखाई तत्परता, सुरक्षित मुंबई पहुंचा मरीज

Brain hemorrhageImage Source:(Internet) 
 
एबी न्यूज़ नेटवर्क। सऊदी अरब (Saudi Arabia) में ब्रेन हेमरेज का शिकार हुए भारतीय नागरिक सूफियान अहमद को भारत वापस लाने में भारतीय दूतावास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सूफियान अहमद अल हसा स्थित किंग फहाद अस्पताल में उपचाराधीन थे। भारतीय दूतावास ने उनकी स्थिति को देखते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई और उन्हें सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था की। दूतावास ने मरीज के लिए स्ट्रेचर टिकट के साथ-साथ मेडिकल एस्कॉर्ट का टिकट भी उपलब्ध कराया, ताकि यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। दूतावास ने यह भी बताया कि सूफियान अहमद अब सुरक्षित मुंबई पहुंच चुके हैं, जहां उनका आगे का इलाज जारी रहेगा। दूतावास ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है।
 
खाड़ी देशों से भारतीयों की सुरक्षित वापसी जारी
इस बीच भारत सरकार खाड़ी देशों में मौजूद भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय बनी हुई है। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार अब तक 3,217 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है। इनमें से 61 नाविकों की वापसी केवल पिछले 96 घंटों में कराई गई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में कार्यरत सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज या भारतीय क्रू वाले विदेशी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार समुद्री गतिविधियां पूरी तरह सामान्य हैं और देश के सभी बंदरगाह बिना किसी बाधा के काम कर रहे हैं।
 
कंट्रोल रूम लगातार कर रहा सहायता
मंत्रालय ने बताया कि समुद्री सहायता और समन्वय के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम ने अब तक 9,702 कॉल्स और 21 हजार से अधिक ईमेल्स को संभाला है। पिछले 96 घंटों में ही 436 कॉल्स और 996 ईमेल प्राप्त हुए, जिनमें नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सहायता मांगी। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही कांडला बंदरगाह पर बड़े एलपीजी कार्गो का सफलतापूर्वक डिस्चार्ज भी किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत की समुद्री और बंदरगाह सेवाएं पूरी तरह सुचारु रूप से कार्य कर रही हैं।