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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली (Delhi) में बढ़ती गर्मी और समय से पहले तेज हुए तापमान के बीच बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। बुधवार दोपहर 3:35 बजे दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8,039 मेगावाट दर्ज की गई, जो वर्ष 2026 की अब तक की सबसे अधिक मांग है। इससे एक दिन पहले भी बिजली की खपत में तेजी देखी गई थी, जब दोपहर में मांग 7,776 मेगावाट और रात में 7,841 मेगावाट तक पहुंच गई थी। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि गर्मी के बढ़ते असर के साथ राजधानी में बिजली की जरूरत लगातार बढ़ रही है।
पिछले वर्षों की तुलना में तेज़ी से बढ़ी मांग
इस वर्ष दिल्ली की बिजली मांग पिछले दो वर्षों की तुलना में अधिक रही है। 20 मई 2026 तक जहां पीक पावर डिमांड 8,039 मेगावाट रही, वहीं इसी अवधि में 2025 में यह 7,533 मेगावाट और 2024 में 7,591 मेगावाट थी। आंकड़ों के अनुसार, 1 मई से 20 मई के बीच 2026 में 20 में से 15 दिनों में बिजली की मांग 2025 की तुलना में अधिक दर्ज हुई। वहीं 2024 की तुलना में भी 13 दिनों तक बिजली की खपत अधिक रही। इससे साफ है कि राजधानी में बिजली उपभोग का स्तर लगातार ऊपर जा रहा है।
अप्रैल में ही पार हुआ 7,000 मेगावाट का आंकड़ा
दिल्ली में इस वर्ष बिजली की मांग ने एक और रिकॉर्ड अप्रैल में ही बना दिया था। 27 अप्रैल को पहली बार अप्रैल महीने में पीक डिमांड 7,078 मेगावाट तक पहुंच गई। इससे पहले 2024 और 2025 में 7,000 मेगावाट का स्तर मई महीने में पार हुआ था। राज्य लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC) के अनुमान के अनुसार, इस बार गर्मियों में दिल्ली की पीक बिजली मांग 9,000 मेगावाट का आंकड़ा पार कर सकती है। यह 2025 में दर्ज 8,656 मेगावाट के अब तक के सर्वाधिक रिकॉर्ड से भी अधिक होगी।
बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए उन्नत तकनीक का सहारा
बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली वितरण कंपनियां भी पूरी तैयारी में हैं। बीएसईएस अधिकारियों के अनुसार, बीएसईएस राजधनी पावर लिमिटेड (BRPL) और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) ने अपने क्षेत्रों में क्रमशः 3,665 मेगावाट और 1,753 मेगावाट की मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया। कंपनियों ने बताया कि 53 लाख से अधिक उपभोक्ताओं और लगभग 2.25 करोड़ लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते, अन्य राज्यों के साथ समन्वय और AI व ML आधारित डिमांड फोरकास्टिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही लगभग 2,670 मेगावाट ग्रीन एनर्जी—जिसमें सौर, जल, पवन और पंप्ड स्टोरेज स्रोत शामिल हैं—भी गर्मियों में बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।