विधानसभा चुनाव 2026! तीन राज्यों में मतदान जारी, दोपहर 3 बजे तक अच्छा रुझान

    09-Apr-2026
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Assembly Elections 2026
 Image Source:(Internet)
असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 (Assembly Elections 2026) के पहले चरण का मतदान गुरुवार को शांतिपूर्ण माहौल में जारी रहा। चुनाव आयोग के अनुसार दोपहर 3 बजे तक असम में 75.91 प्रतिशत, पुडुचेरी में 72.40 प्रतिशत और केरल में 62.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके साथ ही देश के 6 राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी कराए जा रहे हैं। शुरुआती आंकड़ों से संकेत मिल रहे हैं कि मतदाताओं में इस बार खासा उत्साह देखा जा रहा है।
 
 
केरल में शांतिपूर्ण मतदान, कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन
केरल में अधिकांश स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ बूथों पर फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर हल्की झड़पें और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। त्रिशूर जिले के मनालूर में कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच उस समय विवाद हो गया जब यूडीएफ उम्मीदवार टी. एन. प्रतापन के साथ आए लोगों को बूथ परिसर में प्रवेश से रोका गया। वहीं वडक्कनछेरी में एक मतदाता को यह कहकर वोट डालने से रोका गया कि उसका वोट पहले ही पोस्टल बैलेट के रूप में दर्ज हो चुका है, जिसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।

प्रमुख नेताओं और हस्तियों ने डाला वोट
मतदान के दौरान कई प्रमुख नेताओं और हस्तियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सीपीआई(एम) नेता M Swaraj ने निलंबूर में वोट डाला। केरल के राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar ने भी मतदान कर लोगों से अपने ‘पवित्र कर्तव्य’ का पालन करने की अपील की। वहीं जानी-मानी अभिनेत्री Surabhi Lakshmi ने कोझिकोड में मतदान किया और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए लोगों से वोट डालने का आग्रह किया।
 
पश्चिम बंगाल में आरजी कर पीड़िता की मां चुनाव मैदान में
इस बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक भावनात्मक मोड़ देखने को मिला है। कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में 2024 में हुई जघन्य घटना की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने पानीहाटी सीट से बीजेपी उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ बीजेपी नेता Smriti Irani भी मौजूद रहीं। रत्ना देबनाथ ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य तृणमूल कांग्रेस को हराना है, ताकि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।