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नागपुर। वाहन फिटनेस जांच को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नागपुर ग्रामीण क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में 15 मई को एक अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) यानी इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन (I&C) सेंटर का उद्घाटन किया जाएगा। यह केंद्र विशेष रूप से व्यावसायिक और सार्वजनिक परिवहन वाहनों की फिटनेस जांच के लिए तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य न केवल वाहन परीक्षण प्रक्रिया को सटीक बनाना है, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को भी मजबूती देना है। यह परियोजना केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के ‘रोड सेफ्टी एंड व्हीकल फिटनेस मॉडर्नाइजेशन मिशन’ के तहत शुरू की गई है।
आधुनिक तकनीक से लैस होगा केंद्र
इस ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में तीन अलग-अलग लेन बनाई गई हैं, जिनमें आधुनिक सेंसर और मशीनरी की मदद से वाहनों का परीक्षण किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम रखा जाएगा, जिससे जांच में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित हो सके। परियोजना को रोसेमर्टा टेक्नोलॉजीज द्वारा महाराष्ट्र सरकार और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के सहयोग से लागू किया जा रहा है। इससे पहले नासिक में इस मॉडल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था, जिसके सकारात्मक परिणामों के बाद अब इसे अन्य शहरों में भी विस्तार दिया जा रहा है।
वाहन फिटनेस नियमों पर जोर
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी किरण बिडकर के अनुसार, परिवहन वाहनों के लिए नियमित फिटनेस सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पहले आठ वर्षों तक हर दो साल में और उसके बाद हर साल वाहन की फिटनेस जांच जरूरी होती है। इससे सड़क सुरक्षा और उत्सर्जन मानकों का पालन सुनिश्चित होता है। वहीं, अधिकारी विजय चव्हाण ने जानकारी दी कि नागपुर का यह प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है और तय समय पर शुरू हो जाएगा। इसके अलावा हिंगना क्षेत्र में भी 2.5 एकड़ भूमि पर एक और ATS केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे भविष्य में वाहन परीक्षण की क्षमता और बढ़ेगी तथा क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।