एकनाथ शिंदे की सख्त चेतावनी! 'काम नहीं तो पद नहीं'

    08-Apr-2026
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- संगठन को मजबूत करने पर जोर

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मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के नव-नियुक्त संपर्क प्रमुखों और विभागीय संपर्क प्रमुखों के साथ ऑनलाइन बैठक कर संगठन की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि केवल पद धारण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्य करना अनिवार्य है। शिंदे ने कहा कि मंत्री, विधायक या सांसद जैसे पदों को एक तरफ रखकर सभी को कार्यकर्ता की तरह मेहनत करनी होगी। पार्टी के विस्तार के लिए हर पदाधिकारी का मैदान में उतरना जरूरी बताया गया।

हर पदाधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही तय
बैठक में शिंदे ने प्रत्येक संपर्क प्रमुख से सीधे सवाल पूछते हुए उनके कार्यों का लेखा-जोखा मांगा। बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) की नियुक्ति, क्षेत्र में दौरे और आयोजित बैठकों की संख्या जैसी जानकारी विस्तार से ली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन पदाधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होगा, उनके खिलाफ सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से यह संदेश गया कि अब संगठन में जवाबदेही तय की जा रही है और हर व्यक्ति को अपने काम का परिणाम दिखाना होगा।

लापरवाही पर हटाने की चेतावनी
शिंदे ने निर्देश दिया कि सभी संपर्क प्रमुख और अन्य पदाधिकारी अपने कार्यों की नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि काम की जानकारी समय पर नहीं दी गई तो संबंधित व्यक्ति को तत्काल पद से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही हर बैठक की फोटो और विवरण रोजाना जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह कदम संगठन में पारदर्शिता और सक्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे पार्टी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा सके।

चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार पर फोकस
संभावित परिसीमन को ध्यान में रखते हुए शिंदे ने मतदाता सूचियों के अनुसार सूक्ष्म स्तर पर काम करने के निर्देश दिए। हर मतदाता सूची पर दो BLA नियुक्त करने और नियमित बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि महाराष्ट्र के सभी 43 हजार गांवों में शिवसेना की मौजूदगी दिखनी चाहिए। इसी बीच, पुणे में शिवसेना की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है, जो अन्य पदाधिकारियों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी है और स्वयं शिंदे सभी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के काम की समीक्षा करेंगे।