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एबी न्यूज़ नेटवर्क। धाराशिव जिले में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। तुलजापुर तालुका के सावरगांव के गैस डिस्ट्रीब्यूटर ज्ञानेश्वर माली पर आरोप है कि उन्होंने करीब 1200 सिलेंडर ब्लैक में बेचकर लगभग सात लाख रुपये का अवैध लाभ कमाया। गैस कंपनी द्वारा किए गए निरीक्षण में स्टॉक और वितरण में भारी गड़बड़ी उजागर हुई। इसके बाद कंपनी ने उनकी सप्लाई पर रोक लगा दी, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
तनाव में डिस्ट्रीब्यूटर ने उठाया बड़ा कदम
निरीक्षण और कार्रवाई के बाद ज्ञानेश्वर माली मानसिक तनाव में आ गए थे। बताया जा रहा है कि कंपनी की मीटिंग के दौरान उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। उन्हें तुरंत सोलापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस और प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। इस घटना ने गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
नागपुर में सिलेंडर को लेकर हंगामा
इधर नागपुर के जरीपटका इलाके में गैस सिलेंडर की कमी के कारण लोगों में नाराजगी देखने को मिली। एक गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद जब सिलेंडर नहीं मिले, तो गुस्साए लोगों ने कुछ सिलेंडर उठाकर ले जाने की कोशिश की। हालांकि, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। बाद में लोगों ने सिलेंडर वापस कर दिए, लेकिन इस घटना ने आपूर्ति व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया।
यवतमाल और बीड में भी संकट गहराया
गैस की कमी का असर केवल धाराशिव तक सीमित नहीं है। यवतमाल के दारवा क्षेत्र और बीड जिले में भी सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है। ग्रामीण इलाकों में लोग घंटों धूप में लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, फिर भी उन्हें गैस नहीं मिल रही। आरोप है कि कालाबाजारी और OTP के जरिए अवैध बिक्री के कारण स्थिति और बिगड़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि वितरण में सही योजना और पारदर्शिता लाई जाए, तो इस संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फिलहाल, प्रशासन से सख्त कार्रवाई और बेहतर प्रबंधन की मांग तेज हो गई है।