महिला आरक्षण विधेयक! पीएम मोदी ने कहा, ‘राष्ट्र निर्माण का ऐतिहासिक क्षण’

    16-Apr-2026
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एबी न्यूज़ नेटवर्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान इसे भारत के संसदीय इतिहास का एक “ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण” बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश के भविष्य को दिशा देने का अवसर है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बहस को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि ऐसे कुछ ही अवसर आते हैं, जो किसी देश की सोच और नेतृत्व की क्षमता को दर्शाते हैं। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि उठाए गए तकनीकी और अन्य मुद्दों पर विस्तृत जवाब अलग से दिए जाएंगे, लेकिन फिलहाल इस ऐतिहासिक मौके के महत्व को समझना जरूरी है।

‘देश की दिशा तय करने वाला अवसर’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण का विचार पिछले 25-30 वर्षों से चर्चा में रहा है और समय के साथ यह और परिपक्व हुआ है। उन्होंने भारत को “मदर ऑफ डेमोक्रेसी” बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की हमारी यात्रा हजारों वर्षों पुरानी है और अब हमारे पास इसे एक नई दिशा देने का अवसर है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे इस मौके को हाथ से न जाने दें। मोदी ने जोर देकर कहा कि यह विधेयक देश की आधी आबादी से जुड़ा है और इसके जरिए राजनीति और शासन व्यवस्था दोनों में व्यापक बदलाव संभव है।

समावेशी शासन की ओर एक बड़ा कदम
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में समावेशी और संवेदनशील शासन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक न केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाएगा, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी अधिक संतुलित और प्रभावी बनाएगा। मोदी ने कहा, “यह केवल हमारी राजनीति की दिशा ही तय नहीं करेगा, बल्कि देश के भविष्य की स्थिति भी निर्धारित करेगा।” उन्होंने सभी दलों से एकजुट होकर इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करने की अपील की, ताकि भारत एक अधिक समावेशी और सशक्त लोकतंत्र की ओर बढ़ सके।