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एबी न्यूज़ नेटवर्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण और अन्य संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग इन विधेयकों का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसके परिणाम भुगतने होंगे। केंद्र सरकार द्वारा बुलाए गए इस विशेष सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो रही है, जिन पर 17 अप्रैल को मतदान प्रस्तावित है। पीएम मोदी ने इन विधेयकों को देश के भविष्य से जुड़ा अहम कदम बताते हुए इसे राजनीति से ऊपर उठकर देखने की अपील की।
‘देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में लाने का समय’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की 50 प्रतिशत आबादी यानी महिलाओं को नीति-निर्माण में भागीदारी देना अब समय की मांग है। उन्होंने कहा, “हमने इसमें पहले ही काफी देरी कर दी है, अब इसे और टालना उचित नहीं है।” उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समावेशी शासन भी शामिल है। मोदी ने यह भी कहा कि यह एक ऐसा अवसर है, जब देश एक नई दिशा तय कर सकता है और महिलाओं की भागीदारी से शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील बन सकती है।
महिलाओं की बढ़ती ताकत और राजनीतिक जागरूकता पर जोर
प्रधानमंत्री ने महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की महिलाएं पहले से कहीं अधिक सशक्त और सजग हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर से लेकर बड़े मंचों तक महिलाएं अपनी पहचान बना रही हैं और अब वे केवल दर्शक नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। मोदी ने चेतावनी दी कि जो भी महिला आरक्षण का विरोध करेगा, उसे महिलाएं राजनीतिक रूप से जवाब देंगी। उन्होंने कहा, “33 प्रतिशत महिलाओं को इस सदन में आने दीजिए, उन्हें निर्णय लेने का अवसर दीजिए। उनके फैसलों पर संदेह क्यों किया जाए?” प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को किसी भी राजनीतिक रंग से दूर रखने की बात कही।
विपक्ष पर निशाना, ‘क्रेडिट लेने की राजनीति से ऊपर उठें’
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग इस पहल में राजनीतिक स्वार्थ देख रहे हैं, जबकि यह राष्ट्रीय हित का विषय है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर सभी दल मिलकर इस विधेयक का समर्थन करते हैं, तो किसी एक को इसका श्रेय नहीं मिलेगा, बल्कि यह पूरे देश की उपलब्धि होगी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे सभी नेताओं के फोटो के साथ धन्यवाद विज्ञापन देने के लिए भी तैयार हैं। मोदी ने यह भी भरोसा दिलाया कि परिसीमन प्रक्रिया में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा और देश के हर हिस्से को समान अवसर मिलेगा। उन्होंने अंत में कहा कि यह महिलाओं को कुछ देने का नहीं, बल्कि उनके अधिकार को स्वीकार करने का समय है।