
Image Source:(Internet)
एबी न्यूज़ नेटवर्क। देश में रसोई गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एक ओर सरकार यह दावा कर रही है कि कहीं भी गैस की कमी नहीं है, वहीं जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय भी इस कमी से प्रभावित हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Iran और United States के बीच तनाव का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन देश में गैस आपूर्ति की समस्या अभी भी बनी हुई है।
सिलेंडर न मिलने पर शख्स ने खुद को किया घायल
महाराष्ट्र के Chatrapati Sambhaji Nagar में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां वलुज क्षेत्र के रांजणगाव शेपू स्थित कमल गैस एजेंसी के बाहर एक व्यक्ति ने सिलेंडर न मिलने से परेशान होकर अपना सिर खुद ही दीवार पर पटक लिया। यह घटना दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। घायल व्यक्ति की पहचान 50 वर्षीय बालचंद नेमाणे के रूप में हुई है, जो पिछले कई दिनों से गैस सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने गुस्से में कहा, “घर जाकर अपनी पत्नी को क्या जवाब दूं?” और इसके बाद खुद को घायल कर लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसे इलाज के लिए घाटी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आम लोगों को बुनियादी जरूरतों के लिए इस तरह की परेशानियों का सामना क्यों करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर की कमी के कारण रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है।
अकोला में लाइन में खड़े बुजुर्ग की मौत
इसी बीच, Akola में कुछ दिन पहले एक बुजुर्ग की गैस सिलेंडर की लाइन में खड़े-खड़े मौत हो गई थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। इस घटना के बाद एनसीपी नेता Rohini Khadse ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सत्ताधारी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने एक विधायक के बयान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे हालात में लोगों को राहत देने के बजाय बयानबाजी की जा रही है। इन घटनाओं ने गैस सिलेंडर की किल्लत और उससे जुड़ी समस्याओं को फिर से चर्चा में ला दिया है।