एनएडीटी दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति का संबोधन! जनविश्वास को मजबूत करने पर जोर

    16-Apr-2026
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नागपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को नेशनल एकेडमी ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (NADT) के 78वें बैच के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए अधिकारियों से प्रशासन में जनविश्वास को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है, लेकिन इसके साथ-साथ जनता का भरोसा बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति ने अधिकारियों को ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की सलाह दी और कहा कि यही गुण सुशासन और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं।

डिजिटल चुनौतियों के बीच तकनीक और नैतिकता पर जोर राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में डिजिटल अर्थव्यवस्था की जटिलताओं और कर चोरी जैसी उभरती चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी उपयोग जरूरी है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि उनकी असली पहचान उनकी नैतिकता और ईमानदारी से ही होती है। उन्होंने यह भी कहा कि नए आयकर अधिनियम 2025 के लागू होने से भारत की कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बन रही है।

‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर अधिकारियों को संदेश इस अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने अधिकारियों से ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। वहीं राजस्व एवं संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि हर निर्णय में व्यापक जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कार्यक्रम में सीबीडीटी के चेयरमैन रवि अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।