महिला आरक्षण पर पीएम मोदी का सख्त संदेश! लोकसभा में विशेष तीन दिवसीय सत्र

    16-Apr-2026
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एबी न्यूज़ नेटवर्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर जोरदार पक्ष रखते हुए विपक्ष को कड़ा संदेश दिया। विशेष तीन दिवसीय सत्र के दौरान बोलते हुए उन्होंने इस कानून को देश के लिए एक परिवर्तनकारी कदम बताया और राजनीतिक दलों से इसे राजनीति का मुद्दा न बनाने की अपील की। मोदी ने कहा, “जो लोग महिलाओं के आरक्षण का विरोध करते हैं, उन्हें महिलाएं कभी माफ नहीं करतीं।” उन्होंने इसे सलाह के रूप में पेश करते हुए विपक्ष को आगाह किया कि इस मुद्दे पर जनता, खासकर महिलाओं की भावना को समझना जरूरी है। सदन में इस बयान के बाद माहौल और अधिक गंभीर हो गया।

महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी और जागरूकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 25-30 साल पहले महिला आरक्षण का विरोध केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। पंचायत चुनावों में जीतकर आई महिलाएं और समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाएं अब अधिक जागरूक हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, “अगर अब कोई महिला आरक्षण का विरोध करेगा, तो महिलाएं उसे नहीं छोड़ेंगी।” मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रस्ताव को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देखने की जरूरत है, क्योंकि यह देश के सामाजिक और राजनीतिक ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकता है।

विपक्ष का विरोध और परिसीमन से जुड़ा विवाद
महिला आरक्षण पर चर्चा के बीच Mallikarjun Kharge के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने सरकार के प्रस्ताव का विरोध तेज कर दिया है। खासतौर पर संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को लेकर विवाद गहराया है, जिसमें महिला आरक्षण को देशव्यापी परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही गई है। विपक्ष का तर्क है कि इस लिंक के कारण आरक्षण लागू होने में देरी हो सकती है। इस मुद्दे पर रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई बैठक में Rahul Gandhi, Tejashwi Yadav, Sanjay Raut, Supriya Sule सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। सरकार जहां इसे ऐतिहासिक सुधार बता रही है, वहीं विपक्ष इसे शर्तों से जोड़कर लागू करने पर सवाल उठा रहा है, जिससे संसद में टकराव की स्थिति बनी हुई है।