लोकसभा में गरमाया जनगणना और आरक्षण का मुद्दा! अमित शाह और अखिलेश यादव आमने-सामने

    16-Apr-2026
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एबी न्यूज़ नेटवर्क। लोकसभा में जनगणना और आरक्षण को लेकर तीखी बहस देखने को मिली, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव आमने-सामने आ गए। बहस की शुरुआत अखिलेश यादव द्वारा जनगण म हो रही देरी पर सवाल उठाने से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जनगणना टाल रही है, क्योंकि जातिगत आंकड़े सामने आने से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की मांग और तेज हो सकती है। यादव ने कहा कि सरकार इस वास्तविकता से बचने के लिए अन्य मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है।

जातिगत जनगणना और ओबीसी पहचान पर टकराव
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री की पिछड़ा वर्ग पहचान को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि जब वास्तविक गणना की बात आती है, तो सरकार पीछे हटती नजर आती है। इस पर अमित शाह ने कड़ा जवाब देते हुए विपक्ष के आरोपों को भ्रामक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसमें जातिगत गणना भी शामिल की जाएगी। शाह ने कहा कि अभी हाउस लिस्टिंग का चरण चल रहा है और “घरों की कोई जाति नहीं होती।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी पर छोड़ दिया जाए, तो वे घरों को भी जाति में बांट देंगे। इस बयान के बाद सदन में माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

मुस्लिम महिलाओं को टिकट देने पर बयान से बढ़ा विवाद
बहस उस समय और तेज हो गई जब अमित शाह ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी चाहे तो वह अपने सभी चुनावी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे सकती है। इस बयान से सदन में हंगामा मच गया। शाह ने समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव के मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण संबंधी बयान का हवाला देते हुए कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान के खिलाफ है। वहीं, अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि मुस्लिम महिलाएं भी देश की आबादी का हिस्सा हैं और महिलाओं के आरक्षण पर चर्चा में सभी समुदायों को शामिल किया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही, जिससे सदन का माहौल काफी गरमा गया।