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नई दिल्ली। नोएडा के सेक्टर-63 स्थित एक कंपनी के बाहर बुधवार को एक मजदूर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 10-15 पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। मजदूर के अनुसार, उसे और अन्य कर्मचारियों को मंगलवार रात एक संदेश मिला था कि कंपनी दोबारा शुरू हो रही है और सभी को काम पर लौटना है। इसी सूचना के आधार पर वे बुधवार सुबह कंपनी परिसर पहुंचे। हालांकि, वहां पहुंचने पर कंपनी प्रबंधन ने बताया कि अभी संचालन शुरू नहीं हुआ है और दोबारा खुलने की सूचना बाद में दी जाएगी। इसी बात को लेकर जब मजदूरों ने सवाल उठाए, तभी मौके पर पुलिस और मीडिया पहुंच गई।
वीडियो बनाने पर पुलिस ने गाड़ी में ले जाकर की पिटाई
पीड़ित मजदूर ने दावा किया कि जब वह घटनास्थल पर हो रही गतिविधियों का वीडियो बना रहा था, तब पुलिसकर्मी उसे जबरन अपनी गाड़ी में ले गए। उसने आरोप लगाया कि गाड़ी के अंदर 10-15 पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और शारीरिक रूप से हमला किया। मजदूर के मुताबिक, उसने जब खुद को छोड़ने की गुहार लगाई, तब जाकर उसे छोड़ा गया। उसने यह भी बताया कि कुछ समय पहले पुलिस दो अन्य लोगों को भी अपने साथ ले गई थी, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया था। इस घटना ने क्षेत्र में पहले से जारी श्रमिक असंतोष को और बढ़ा दिया है।
स्थिति ज्यादातर शांतिपूर्ण
यह पूरा घटनाक्रम हाल ही में हुए मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के बीच सामने आया है, जहां श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग की थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद कंपनी ने कर्मचारियों को अस्थायी अवकाश पर भेज दिया था। वहीं, लक्ष्मी सिंह ने स्थिति को लेकर बयान देते हुए कहा कि गौतम बुद्ध नगर जिले में अधिकांश स्थानों पर शांति बनी हुई है। उनके अनुसार, 83 प्रदर्शन स्थलों में से केवल दो जगहों पर ही हिंसा की घटनाएं हुईं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने अंतरिम वेतन वृद्धि और वेतन बोर्ड के गठन की घोषणा की है, जो मजदूरों की समस्याओं पर विचार करेगा। पुलिस प्रशासन ने मजदूरों से शांति बनाए रखते हुए काम पर लौटने की अपील की है।