ईरान-इजराइल तनाव पर संजय राउत का बयान: 'पीएम मोदी ट्रंप और नेतन्याहू से युद्ध रोकने को कहें'

    02-Mar-2026
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- ईरान हमले के बाद बढ़ा अंतरराष्ट्रीय तनाव

Sanjay RautImage Source:(Internet) 
एबी न्यूज़ नेटवर्क।
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत की राजनीति में भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे इस संघर्ष में हस्तक्षेप करें और युद्ध को रोकने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का उपयोग करें। राउत ने कहा कि मोदी को वैश्विक नेता और 'विश्वगुरु' कहा जाता है, ऐसे में उन्हें अमेरिका और इजराइल से बातचीत कर इस टकराव को समाप्त करने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार को इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
 
खामनेई की मौत पर सरकार की चुप्पी पर सवाल
राउत ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई की कथित मौत को लेकर केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खामनेई को दुनिया के अधिकांश देशों ने मान्यता दी थी और वे भारत के सच्चे मित्र माने जाते थे। राउत के अनुसार, ऐसे नेता की हत्या के बाद भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की ओर से संवेदना व्यक्त की जानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर भारत सरकार किससे डर रही है इजराइल से या अमेरिका के राष्ट्रपति से। राउत ने यह भी दावा किया कि खामेनेई भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के विचारों से प्रभावित थे और भारत के साथ हमेशा सकारात्मक संबंधों के पक्षधर रहे।
 
अमेरिका-इजरायल का संयुक्त हमला और ‘ऑपरेशन’
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त मिसाइल हमला किया, जिसे 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया। इस हमले की पुष्टि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सरकारी मीडिया दोनों ने की है। रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में खामनेई के साथ उनके परिवार के कई सदस्य उनकी बेटी, नाती, बहू और दामाद भी मारे गए। इस घटना के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है और कई देशों ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है।
 
मोदी की कूटनीतिक बातचीत और नागरिकों की सुरक्षा पर जोर
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। मोदी ने इस दौरान नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जल्द से जल्द युद्धविराम की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नह्यान से भी बातचीत की। मोदी ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात में हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। भारत सरकार का कहना है कि वह मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रही है।