ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की मौत पर भारत में शोक और विरोध प्रदर्शन

    02-Mar-2026
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- ईरान में हमले के बाद वैश्विक प्रतिक्रिया

Mourning and protestsImage Source:(Internet) 
एबी न्यूज़ नेटवर्क।
ईरान (Iran) के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई (Ali Khamenei) की कथित तौर पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मौत की खबर सामने आने के बाद भारत सहित कई देशों में शिया समुदाय के बीच गहरा शोक और आक्रोश देखा गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार शनिवार को तेहरान में हुए इस हमले में खामेनेई की मृत्यु हो गई। इस खबर के बाद रविवार को भारत के कई हिस्सों में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई बताया।
 
कश्मीर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन
कश्मीर में, जहां लगभग 15 लाख शिया मुसलमान रहते हैं, इस घटना को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। श्रीनगर के लाल चौक और सैदा कदल सहित बुड़गम, बंदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मातम मनाते हुए सीना पीटा और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारे लगाए। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमार अब्दुल्ला ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार भारत के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर ईरान में रह रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संपर्क में है।
 
लखनऊ, पंजाब और अन्य राज्यों में शोक
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ा इमामबाड़ा के पास हजारों लोग एकत्रित हुए और खामेनेई की तस्वीरें लेकर विरोध जताया। कई महिलाएं रोती हुई दिखाई दीं। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Maulana Yasoob Abbas) ने तीन दिन के शोक की घोषणा की। उन्होंने कहा कि समुदाय के लोग काले कपड़े पहनेंगे, घरों पर काले झंडे लगाएंगे और विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित करेंगे। साथ ही जो बाइडन (Joe Biden) और बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के पुतले जलाने की भी घोषणा की गई। लुधियाना में भी प्रदर्शन हुए, जहां शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधयानवी (Maulana Mohammad Usman Rahmani Ludhianvi) के नेतृत्व में लोगों ने केंद्र सरकार से एक सप्ताह के राष्ट्रीय शोक की मांग की। इसके अलावा अजमेर, नई दिल्ली तथा बिहार, झारखंड और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन देखे गए।
 
कर्नाटक के गांव में सन्नाटा, जोधपुर के यात्री फंसे
जहां देश के कई हिस्सों में विरोध और शोक का माहौल रहा, वहीं चिकबल्लापुर डिस्ट्रिक्ट (Chikkaballapur district) के एक गांव में लोगों ने शांतिपूर्वक शोक मनाया। गांव की दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को स्वेच्छा से बंद रखा गया और तीन दिन का शोक घोषित किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि खामेनेई ने 1986 में अलीपुरा का दौरा किया था, इसलिए गांव के लोग उन्हें विशेष सम्मान देते हैं। इस बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण दुबई और अबू धाबी के आसपास उड़ानों में बाधा आने से जोधपुर के कुछ श्रद्धालु दुबई में फंस गए हैं, जिससे उनके स्वदेश लौटने में देरी हो रही है।