- मनपा आयुक्त ने विभागवार समीक्षा बैठक की

Image Source:(Internet)
नागपुर। नागपुर महानगरपालिका के आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने भांडेवाड़ी डंपिंग यार्ड में चल रहे बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिया है कि यह प्रक्रिया 31 मार्च 2027 तक पूरी कर ली जाए। शहर के पुराने कचरे के ढेर को खत्म करने के लिए यह परियोजना लागू की गई है, जिसके तहत कचरे को प्रोसेस कर जमीन को खाली किया जा रहा है। आयुक्त डॉ. इटनकर ने पदभार संभालने के बाद विभागवार समीक्षा बैठकों की शुरुआत की है। इसी क्रम में गुरुवार को पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य अभियंता मनोज तालेवार, अधीक्षण अभियंता डॉ. श्वेता बनर्जी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभाग के कार्यों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और नई परियोजनाओं पर चर्चा
बैठक में शहर के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और पर्यावरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया गया। भांडेवाड़ी में चल रहे C&D वेस्ट प्रोजेक्ट, 10 एकड़ जमीन पर Bhumi Green Energy Envirocare LLP के नए सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग सेंटर, कचरे और RDF से जैविक खाद तैयार करने तथा पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित स्थान पर चर्चा हुई। आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी बैठकों में कंप्यूटर प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने संगठनात्मक ढांचे और कार्यप्रणाली को प्रस्तुत करें। इसके अलावा नगर निगम की एक NABL प्रमाणित प्रयोगशाला स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। मिहान क्षेत्र से निकलने वाले C&D मटेरियल को शहर के C&D वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।
कचरा निस्तारण के लिए नई रणनीति पर विचार
बैठक में इनर्ट वेस्ट के निस्तारण के लिए फ्लाई ऐश मिलाकर उसे खदानों में डंप करने के विकल्प पर भी विचार किया गया। इसके लिए अगले सप्ताह जिला खनन अधिकारी, क्षेत्रीय अधिकारी और Maharashtra Pollution Control Board के साथ संयुक्त बैठक करने का निर्णय लिया गया। आयुक्त ने सेनेटरी लैंडफिल के लिए आरक्षित क्षेत्र का निरीक्षण कर वहां निर्माण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए। शहर में प्रतिदिन लगभग 1300 मीट्रिक टन कचरा निकल रहा है। वर्तमान में सुसबीड़ी क्षेत्र में 250 से 300 मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है, जबकि भूमि ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 500 मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस किया जा रहा है। कंपनी को अगले पांच वर्षों के लिए यह कार्य सौंपा गया है और प्रोसेस किए गए कचरे से जैविक खाद और RDF तैयार किया जा रहा है।